'जिसकी जात का पता नहीं': अनुराग ठाकुर की टिप्पणी पर पीएम मोदी के खिलाफ कांग्रेस के नोटिस का क्या होगा?
बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने मंगलवार को संसद में एक टिप्पणी की थी- 'जिसकी जात का पता नहीं, वो गणना की बात करता है।' कांग्रेस इस पर ऐसी उखड़ी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दे दिया है। लेकिन, एक रिपोर्ट के मुताबिक यह टिप्पणी लोकसभा की कार्यवाही से हटी नहीं है।
दरअसल, कांग्रेस पार्टी पीएम मोदी पर इस बात को लेकर बिफरी हुई है कि उन्होंने अपने एक्स हैंडल (पहले ट्विटर) पर हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर से सांसद अनुराग ठाकुर का भाषण पोस्ट कर दिया है। कांग्रेस ने इसी को लेकर पीएम मोदी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है।

'जिसकी जात का पता नहीं' वाली टिप्पणी हटी नहीं- रिपोर्ट
लेकिन, न्यूज18 ने सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया है कि 'जिसकी जात का पता नहीं, वो गणना की बात करता है' वाली अनुराग ठाकुर की वह टिप्पणी संसद के रिकॉर्ड से नहीं हटाई गई है और वह लोकसभा की वेबसाइट पर डिबेट के रिकॉर्ड में दिख भी रही है।
पीएम मोदी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन वाले नोटिस का क्या होगा?
ऐसे में सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस के विशेषाधिकार वाले नोटिस का कोई आधार ही नहीं रहेगा। इसके मुताबिक रिकॉर्ड से पता चलता है कि ठाकुर के भाषण का कुछ हिस्सा (सात जगहों पर) हटा दिया गया, लेकिन जिसको लेकर कांग्रेस को सबसे ज्यादा आपत्ति हो रही है, वह कार्यवाही का हिस्सा है।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर शेयर किया है ठाकुर के भाषण का वीडियो
पीएम मोदी ने संसद टीवी के वीडियो से जुड़ा एक लिंक शेयर करते हुए अपने एक्स पोस्ट के कमेंट में लिखा है, 'मेरे युवा और ऊर्जावान सहयोगी अनुराग ठाकुर के भाषण को निश्चित सुनें। तथ्यों और हास्य का एक बेहतरीन मेल, INDI अलायंस की गंदी राजनीति को उजागर करता है।' सूत्रों का कहना है कि ठाकुर की टिप्पणी पहले से ही पब्लिक डोमेन में है।
This speech by my young and energetic colleague, Shri @ianuragthakur is a must hear. A perfect mix of facts and humour, exposing the dirty politics of the INDI Alliance. https://t.co/4utsqNeJqp
— Narendra Modi (@narendramodi) July 30, 2024
जब अनुराग ठाकुर ने किसी का नाम ही नहीं लिया तो...
सूत्रों की दलील है कि जब ठाकुर ने अपनी टिप्पणी में किसी का नाम लिया ही नहीं तो इसके खिलाफ विशेषाधिकार हनन का दावा करने की जरूरत ही नहीं थी। सूत्र के मुताबिक, 'यह भी है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से लगातार सार्वजनिक तौर पर, यहां तक कि पत्रकारों से भी जाति पूछने के कई उदाहरण मौजूद हैं।'
संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने भी कहा है कि यह तो विडंबना ही है कि कांग्रेस चाहती है कि देश में जाति जनगणना के तहत सभी की जाति पूछी जाए, लेकिन गांधी से जाति पूछ ली गई तो उसे आपत्ति हो गई। उन्होंने कहा, 'तथ्य तो यही है कि अपने भाषण में अनुराग ठाकुर ने किसी का नाम नहीं लिया।'
यह जानबूझकर अपमानित करने के लिए किया गया- खड़गे
बीजेपी सांसद संबित पात्रा भी इस मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी पर जोरदार हमला कर चुके हैं। वैसे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है, 'संसद में किसी की जाति नहीं पूछी जाती। यह जानबूझकर अपमानित करने के लिए किया गया। प्रधानमंत्री को भी ऐसी घटनाओं का समर्थन नहीं करना चाहिए। उन्हें पता होना चाहिए कि कब और किन चीजों का बचाव करना है। मैं इस तरह की बातों और उसके समर्थन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ट्वीट की कठोरता से निंदा करता हूं।'












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