Cash for Query: एथिक्स पैनल ने 400 पेज की रिपोर्ट पर टाली सुनवाई , जानिए बड़ी वजह
तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा इस दिनों 'कैश फॉर क्वेरी' मामले में आरोपों का सामना कर रही हैं। सोमवार को केस की जांच कर रहे एथिक्स पैनल ने 400 पेज की रिपोर्ट पेश होने के बाद 7 से 9 नवंबर तक के लिए सुनवाई टाल दी है। ऐसे में रिपोर्ट्स के मुताबिक पैनल की ओर से सुनवाई टाले जाने की मुख्य वजह लंबी रिपोर्ट्स को सांसदों को उपलब्ध कराया जाना माना जा रहा है।
सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ आरोपों की जांच कर रही कमेटी ने करीब 400 पन्नों की रिपोर्ट तैयार की है, जिसे सांसदों को दिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, मसौदा रिपोर्ट के अंग्रेजी और हिंदी अनुवाद मंगलवार से पहले प्रचलन के लिए उपलब्ध होने की संभावना नहीं है। दावा किया गया कि सुनवाई टालने का एक बड़ी वजह ये भी है।

बता दें कि इस मसौदा रिपोर्ट को बैठक से पहले समिति के सदस्यों को प्रसारित करना होगा। सूत्रों के मुताबिक बैठक को दो दिनों के लिए टालने के कई कारण हैं। इसमें 7 नवंबर को कई सदस्यों की अनुपलब्धता शामिल है। हमें रिपोर्ट को अपनाने और पारित करने के लिए कोरम की आवश्यकता होगी। वहीं पैनल ने निर्णय लिया है कि अब और गवाहों को नहीं बुलाया जाएगा।
बता दें कि महुआ मोइत्रा के विरुद्ध भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की ओर से 'कैश फॉर क्वैरी' के आरोपों से जुड़ी जांच की मसौदा रिपोर्ट पर विचार करने के लिए 7 नवंबर को बैठक करेगी। समिति की ओर से मसौदा रिपोर्ट को स्वीकार करने के लिए बैठक आयोजित करने का मतलब है कि भाजपा सांसद विनोद कुमार सोनकर की अध्यक्षता वाली समिति ने अपनी जांच पूरी कर ली है और अब वह अपनी सिफारिश करेगी। इसके पहले समिति के सदस्य 2 नवंबर को पिछली बैठक हुई थी। बता दें कि संसद की आचार समिति में 15 सदस्य हैं जिनमें भाजपा को बहुमत हासिल है।












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