दिल्ली से भेजे गए कांग्रेस के संकटमोचक बचा पाएंगे कुमारस्वामी की सरकार?
नई दिल्ली- जैसी की आशंका थी लोकसभा चुनाव नतीजों के बाद कर्नाटक (Karnataka) की राजनीति में घमासान मचना शुरू हो चुका है। कांग्रेस के कुछ विधायकों की बीजेपी (BJP) नेता एसएम कृष्णा से मुलाकात की खबरों के चलते कांग्रेस ने वहां अपने विधायकों को संभालने के लिए फौरन दिल्ली से दो संकटमोचकों को बेंगलुरू (Bengaluru) भेज दिया है।

जेडीएस-कांग्रेस सरकार पर संकट
इंडियन एक्सप्रेस की खबरों के मुताबिक कर्नाटक (Karnataka) में कांग्रेस के 7-9 विधायक जेडीएस (JDS) नेता एचडी कुमारस्वामी (HD Kumaraswamy) के मुख्यमंत्री बनाए रखने का विरोध कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक इन्हीं में से दो विधायकों ने रविवार को बीजेपी नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एसएम कृष्णा (S M Krishna) से उनके घर पर मुलाकात की थी। ये दोनों विधायक हैं, रमेश झारकीहोली (Ramesh Jharkiholi) और के सुधाकर (K Sudhakar).ये दोनों विधायक पार्टी के उन 6 एमएलए (MLA) में शामिल हैं, जो फरवरी में कथित तौर पर बीजेपी नेता बीएस येदियुरप्पा (B S Yeddyurappa) की ओर से कर्नाटक सरकार गिराने की कोशिशों के तहत मुंबई गए थे।

संकटमोचकों को समझाने का जिम्मा
कर्नाटक में नाराज कांग्रेसी विधायकों को समझाने-बुझाने का जिम्मा देकर वरिष्ठ कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद (Ghulam Nabi Azad) और पार्टी महासचिव एवं कर्नाटक के इंचार्ज केसी वेणुगोपाल (KC Venugopal) को दिल्ली से बेंगलुरू(Bengaluru) भेजा गया है। इन्हें कांग्रेस-जेडीएस (JDS)गठबंधन में पैदा हुए असंतोष को दूर करने के लिए कहा गया है। माना जा रहा है कि आजाद और वेणुगोपाल पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से बातचीत करके सारा मसला सुलझाने की कोशिश करेंगे।

बीजेपी को मिली है बड़ी जीत
लोकसभा चुनावों में बीजेपी का प्रदर्शन बहुत ही शानदार रहा है और वह 28 में से 25 सीटें जीत गई है। कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन को डर है कि पार्टी उनके गठबंधन सरकार को गिराने का प्रयास शुरू कर सकती है। प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष बी एस येदियुरप्पा (B S Yeddyurappa) ने पिछले हफ्ते दावा भी किया था कि उनके पास नंबर हैं और वह सरकार गिराकर फिर से बीजेपी की सरकार बनवा सकते हैं। जबकि, कांग्रेस नेता और पूर्व सीएम सिद्दारमैया (Siddaramaiah ) ने उनके दावों को खारिज करके इसे बेहद 'मजबूत' सरकार बताया था।

विधानसभा में स्थिति
कर्नाटक में बीजेपी के पास 105 विधायक हैं और 225 सदस्यों वाली असेंबली में वह सिंगल लार्जेस्ट पार्टी है। जबकि, सत्ताधारी गठबंधन के पास 117 विधायक हैं, जिनमें कांग्रेस के 79, जेडीएस के 37 और 1 विधायक बीएसपी का है। पिछले साल 23 मई को जब से कर्नाटक की सरकार बनी है, बीजेपी इस जुगाड़ में लगी है कि वह एक दर्जन विधायकों को तोड़कर सरकार बनाने का दावा ठोक दे।












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