CAA Protest: इतिहासकार रामचंद्र गुहा को हिरासत में लेने के बाद पुलिस ने उनके साथ कैसा बर्ताव किया?

जाने-माने इतिहासकार रामचंद्र गुहा को हिरासत में लेने के बाद पुलिस ने उनके साथ कैसा बर्ताव किया?

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं। शुक्रवार को यूपी के अलग-अलग शहरों में हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए और कई इलाकों से पुलिस पर पत्थरबाजी और वाहनों में आगजनी की घटनाएं सामने आईं। इससे पहले गुरुवार को लेफ्ट दलों ने देशभर में भारत बंद का आह्वान किया था। इस दौरान कर्नाटक, बिहार, पश्चिम बंगाल, यूपी और दिल्ली में विरोध प्रदर्शन हुए। बेंगलुरू में पुलिस ने नागरिकता संशोधन कानून का विरोध कर रहे जाने-माने इतिहासकार रामचंद्र गुहा को हिरासत में ले लिया। रामचंद्र गुहा को हिरासत में लिए जाने को लेकर लोगों ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया दी। हालांकि पुलिस ने रामचंद्र गुहा के साथ एक अलग ही व्यवहार किया।

'हम पहले एक इंसान, बाद में वर्दीधारी'

'हम पहले एक इंसान, बाद में वर्दीधारी'

रामचंद्र गुहा गुरुवार को बेंगलुरू में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर अपना विरोध जता रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इसके बाद पुलिस रामचंद्र गुहा को थाने ले गई और वहां उन्हें गर्मागर्म खाना खिलाया। इस बारे में जानकारी देते हुए बेंगलुरू के एसीपी के. गौड़ा ने बताया, 'हम सबसे पहले एक इंसान हैं और उसके बाद खाकी वर्दीधारी पुलिसकर्मी। कानून के सामने सभी समान हैं, इसलिए हम हर किसी के साथ सम्मान और देखभाल भरा व्यवहार करते हैं। चूंकि रामचंद्र गुहा और अन्य लोगों को कुछ घंटों के लिए हिरासत में रखा गया था, और जिस समय उन्हें हिरासत में रखा गया, वो लंच टाइम था, इसलिए हमने पास के एक होटल से शाकाहारी खाना मंगाया और उन्हें खाने के लिए दिया।'

'पुलिसवालों को नहीं पता था, कौन हैं रामचंद्र गुहा'

'पुलिसवालों को नहीं पता था, कौन हैं रामचंद्र गुहा'

बेंगलुरू के एसीपी के. गौड़ा ने बताया, 'रामचंद्र गुहा को खाने में टमाटर बाथ, सांभर, रसम चावल और दही चावल दिए गए। पुलिस फोर्स में ऐसे कई लोग हैं, जो रामचंद्र गुहा के बारे में नहीं जानते। जिन पुलिसकर्मियों ने उन्हें हिरासत में लिया, वो भी ये बात नहीं जानते थे कि रामचंद्र गुहा एक जाने-माने इतिहासकार और आलोचक हैं। बाद में जब उनके बारे में पता चला तो काफी अच्छे तरीके से उनकी देखभाल की गई। कुछ घंटो की हिरासत में रहने के दौरान वो काफी शांत और सभ्य रहे।'

व्यवहार के लिए गुहा ने दिया धन्यवाद

व्यवहार के लिए गुहा ने दिया धन्यवाद

एसीपी के. गौड़ा ने बताया, 'रामचंद्र गुहा बेंगलुरू के सिटी सेंटर में टाउन हॉल पर नागरिकता संशोधन कानून को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, जहां सुबह से विरोध प्रदर्शन के लिए मनाही घोषित कर दी गई थी। आदेश की अवहेलना पर रामचंद्र गुहा को हिरासत में लिया गया था। हिरासत में लेने के बाद हम उन्हें प्रदर्शन स्थल से दूर ले गए और वहां बाकी लोगों के साथ उन्हें गर्मागर्म लंच कराया।' पुलिस के मुताबिक गुरुवार को विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लेने के बाद शाम को रामचंद्र गुहा सहित 120 प्रदर्शनकारियों को रिहा कर दिया गया। हिरासत के दौरान पुलिस के इस व्यवहार के लिए रामचंद्र गुहा सहित सभी प्रदर्शनकारियों ने उन्हें धन्यवाद दिया।

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