उद्धव ठाकरे ने जामिया के छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की तुलना जलियांवाला बाग से की
नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन एक्ट के खिलाफ जिस तरह से दिल्ली में प्रदर्शन हुआ और तमाम छात्रों ने इसमे हिस्सा लिया उसके बाद यह मुद्दा और भी बड़ा बन गया है। दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई की शिवसेना मुखिया उद्धव ठाकरे ने उसकी तुलना जलियावाला बाग कांड से की है। उद्धव ठाकरे ने कहा कि छात्र युवा बम की तरह हैं, लिहाजा हम केंद्र सरकार से अपील करते हैं कि वह छात्रों के साथ इस तरह का बर्ताव नहीं करें जोकि उनके साथ किया गया है।
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दुविधा में शिवसेना
हालांकि शिवसेना अभी तक नागरिकता संशोधन कानून को लेकर अपना रुख साफ नहीं कर सकी है। पार्टी का कहना है कि कानून के कुछ पहलुओं पर सरकार ने राय स्पष्ट नहीं की है और हमारे सवालों का जवाब नहीं दिया है। पार्टी के नेता संजय राउत ने कहा कि इस कानून को लेकर जो भी निर्णय लेना है वह पार्टी मुखिया उद्धव ठाकरे ही लेंगे। उन्होंने कहा कि कैबिनेट की बैठक में इस बाबत फैसला लिया जाएगा कि इस कानून को प्रदेश में लागू करना है या नहीं।
कानून का विरोध
बता दें कि रविवार को नागरिकता संशोधन एक्ट के खिलाफ पूर्वोत्तर के तमाम राज्यों, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, उत्तर प्रदेश में लोगों ने जमकर प्रदर्शन किया। जामिया के छात्रों ने भी इस कानून के खिलाफ प्रदर्शन किया, लेकिन यह प्रदर्शन हिंसक हो गया, जिसके बाद पुलिस को इन छात्रों के खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ी, पुलिस ने छात्रों पर लाठियां भांजी, आंसू गैस के गोले दागे। पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ तमाम छात्रों ने मोर्चा खोल दिया और रविवार देर रात पुलिस मुख्यालय को घेर लिया। जामिया का आरोप है कि पुलिस ने बिना अनुमति कैंपस में जबरन प्रवेश किया और छात्रों व स्टाफ के साथ मारपीट की।












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