Budget Session: राष्ट्रपति के अभिभाषण से लेकर बजट पेश होने तक दोनों सदनों में नहीं होगा कोई 'शून्य काल'
नई दिल्ली, 29 जनवरी। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मंगलवार, 1 फरवरी को लोकसभा में बजट 2022 पेश करने जा रही हैं। कोरोना वायरस की तीसरी लहर के बीच केंद्रीय बजट से आम से लेकर खास लोगों को काफी उम्मीदें हैं। इसी क्रम में 31 जनवरी को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद संसद को संबोधित करेंगे जिसके बाद बजट सत्र की शुरुआत होगी। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक 17वीं लोकसभा के 8वें सत्र के पहले दो दिनों के दौरान दोनों सदनों में राष्ट्रपति के अभिभाषण और संघ बजट की प्रस्तुति के कारण 31 जनवरी और 1 फरवरी 2022 को कोई 'शून्य काल' नहीं होगा।

क्या होता है शून्य काल?
जीरो आवर यानी शून्य काल भारत की संसद से ही निकला एक आइडिया है, आप इसका जनक भारत को ही बोल सकते हैं। हालांकि संसद की कार्यवाही की प्रक्रिया में शून्य काल का जिक्र कहीं नहीं है, लेकिन इसकी शुरूआत संसद के पहले दशक में हुई थी। जीरो आवर से पहले संसद में दोपहर के 1 बजे लंच हुआ करता था जिससे एक घंटा पहले यानी 12 बजे सांसदों को बिना किसी पूर्व नोटिस के राष्ट्रीय मुद्दे उठाने का अच्छा मौका मिल जाता था। धीरे-धीरे इसी एक घंटे के समय को जीरो आवर या शून्य काल के तौर पर जाना जाने लगा।
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गौरतलब है कि 1 फरवरी को मोदी सरकार अपने दूसरे कार्यकाल में साल 2022 का बजट पेश करने जा रही है। कोरोना वायरस, महंगाई समेत कई मुद्दों को लेकर लोगों को इस बजट से काफी उम्मीदें हैं। पिछले वर्ष की तरह इस साल भी लोकसभा में पेपरलेस बजट पेश किया जाएगा। सदन में मौजूद सभी सदस्यों समेत अन्य सभी लोगों को बजट की डिजिटल कॉपी दी जाएगी। इसे मोबाइल ऐप के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। बता दें कि पेपरलेस बजट के लिए केंद्र सरकार ने यूनियन बजट मोबाइल ऐप बनाया था।












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