Defence Budget 2026: ऑपरेशन सिंदूर-2.0 की आहट! भारत का डिफेंस बजट दोगुना करने की मांग क्यों-एक्सपर्ट से जानें?
India defense budget 2026: 1 फरवरी को पेश होने वाला देश का आम बजट इस बार कई मायनों में बेहद अहम माना जा रहा है। वैश्विक स्तर पर जारी युद्ध जैसे हालात, सीमाओं पर बढ़ती सुरक्षा चुनौतियां और पड़ोसी देशों की अस्थिर स्थिति ने भारत की रणनीतिक चिंताओं को और बढ़ा दिया है। खासतौर पर रक्षा बजट पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं, क्योंकि मजबूत सुरक्षा व्यवस्था आज समय की सबसे बड़ी जरूरत बन चुकी है।
बांग्लादेश में मौजूदा हालात और पाकिस्तान के साथ पिछले साल हुए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सामने आई चुनौतियों ने रक्षा तैयारियों की वास्तविक स्थिति उजागर की है। इन्हीं मुद्दों को लेकर Oneindia की टीम ने कर्नल दिनेश नैन (रिटायर्ड) से बातचीत की। इस बातचीत में उन्होंने बताया कि आगामी बजट में सरकार को किन अहम पहलुओं पर ध्यान देना चाहिए। इस रिपोर्ट में जानते हैं कि उन्होंने क्या-्क्या सुझाव भारत सरकार को दिया है।

जीडीपी का 4% हो रक्षा बजट: कर्नल दिनेश नैन (रिटायर्ड)
भारत का रक्षा बजट 2025-26 के लिए ₹6.81 लाख करोड़ (लगभग $78.5 बिलियन) निर्धारित किया गया है, जो कुल बजट का 13.5% और जीडीपी का 1.9% है। कर्नल दिनेश नैन (रिटायर्ड) ने वनइंडिया के साथ विशेष बातचीत में इस बजट पर अपनी राय रखी। उन्होंने वैश्विक अस्थिरता और पड़ोसियों से बढ़ते खतरे को देखते हुए रक्षा बजट को जीडीपी के 3.5% से 4% तक बढ़ाने की वकालत की है। कर्नल दिनेश नैन का कहना है कि भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है, लेकिन उस अनुपात में हमारा रक्षा बजट अब भी कम है।
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पाकिस्तान और चीन के साथ अब बांग्लादेश भी चुनौती
कर्नल नैन ने सुरक्षा परिदृश्य पर चिंता जताते हुए कहा कि अब हमारे लिए केवल पाकिस्तान और चीन ही नहीं, बल्कि बांग्लादेश के हालात भी नई सुरक्षा चुनौतियां पैदा कर रहे हैं। इस 'थ्री-फ्रंट वार' जैसी स्थिति को इग्नोर नहीं किया जा सकता। इसके लिए सुरक्षा बलों की संख्या बढ़ाने और सीमाओं पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने के साथ-साथ रक्षा बुनियादी ढांचे को और अधिक मजबूत करने की जरूरत है।
हथियारों का अपग्रेडेशन और 'ऑपरेशन सिंदूर' से सीख
सैन्य आधुनिकीकरण पर जोर देते हुए कर्नल ने कहा कि हमें नई पीढ़ी की मिसाइलें और फाइटर जेट्स की खरीद में तेजी लानी चाहिए। उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' का जिक्र करते हुए कहा कि उन हथियारों पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए जिन्होंने ऑपरेशन के दौरान सही परिणाम नहीं दिए। पुरानी तकनीक को बदलकर एडवांस टैक्नोलॉजी को अपनाना भविष्य की लड़ाइयों के लिए बहुत जरूरी है।
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'आकाशतीर' और स्वदेशी प्रणाली पर निवेश
रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के लिए 'आकाशतीर' जैसी स्वदेशी वायु रक्षा प्रणालियों पर ज्यादा निवेश की आवश्यकता है। कर्नल नैन के अनुसार, भारत को विदेशी हथियारों पर निर्भरता कम करते हुए देश के भीतर ही अनुसंधान और विकास (R&D) पर जोर देना चाहिए। ज्यादा से ज्यादा स्वदेशी उपकरणों को सेना में शामिल करना न केवल सुरक्षा के लिए बेहतर है, बल्कि यह देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगा।
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