Budget 2025: केंद्रीय बजट में Taxpayers को राहत मिलने की क्यों बढ़ गई है उम्मीद?
Budget 2025: इस बार के बजट से आयकर दाताओं को बहुत ही ज्यादा उम्मीदें हैं। इस बीच कुछ ऐसे आंकड़ें सामने आए हैं, जिसने इन उम्मीदों को परवान चढ़ाने का काम किया है। खासकर के जो कम आमदनी वाले आयकर दाता हैं, उनके लिए हालात सकारात्मक लग रहे हैं और बिजनेस एक्सपर्ट भी इस बात की ओर जोर दे रहे हैं कि सरकार को ऐसे आयकर दाताओं की चिंताओं का ख्याल रखना चाहिए।
दरअसल, मौजूदा वित्त वर्ष 2024-25 में आयकर दाताओं ने जो पिछले वित्त वर्ष के लिए इनकम टैक्स रिटर्न फाइल किया है, उससे पता चलता है कि लगभग 72% आयकर दाता न्यू टैक्स रिजीम को अपना चुके हैं।

Budget 2025: छोटे आयकर दाता, बड़ी उम्मीद
बिजनेस एक्सपर्ट अखिलेश रंजन और संदीप चौफला ने एक आर्टिकल में बताया है कि सरकार न्यू टैक्स रिजीम में ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाने के लिए टैक्स स्लैब को सुव्यवस्थित बनाकर उनका बोझ कम कर सकती है। इनका मानना है कि विशेष रूप से 20 लाख रुपए तक के आय वाले इसकी उम्मीद कर सकते हैं।
Budget 2025: न्यू टैक्स रिजीम में स्टैंडर्ड डिडक्शन की सीमा बढ़ाने पर जोर
इनका कहना है कि न्यू टैक्स रिजीम अपनाने वाले लोगों की संख्या बढ़ाने के लिए सरकार को इस श्रेणी के लिए आम बजट में स्टैंडर्ड डिडक्शन की मौजूदा सीमा को 75,000 रुपए से बढ़ाकर 1.25 लाख रुपए करनी चाहिए।
न्यू टैक्स रिजीम वित्त वर्ष 2020-21 में शुरू की गई थी और तबसे इसमें कर दाताओं के लिए कई तरह की राहत भी दी गई है। इनके लिए सुविधाजनक टैक्स स्लैब बनाया गया है, कर की दरें भी बेहतर की गई हैं और स्टैंडर्ड डिडक्शन भी लागू किया गया है।
न्यू टैक्स रिजीम अपनाने वाले आयकर दाताओं के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2024 के बजट में स्टैंडर्ड डिडक्शन 25,000 रुपए बढ़ाकर 75,000 रुपए कर दिया था। इसे ही बढ़ाए जाने की वकालत की जा रही है। ओल्ड टैक्स रिजीम में यह अभी भी 50,000 रुपए है।
Budget 2025: न्यू टैक्स रिजीम में स्टैंडर्ड डिडक्शन की सीमा आय के अनुपात में तय किए जाने की भी मांग
वेतन भोगियों के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन एकमुश्त कटौती है, जिससे उनकी कर योग आय में बड़ी राहत मिलती है। एक्सपर्ट की राय है कि न्यू टैक्स रिजीम में कोई प्रमुख छूट नहीं मिलती और न ही कोई अन्य कटौती की सुविधा है, इसलिए अगर इसकी ओर ज्यादा से ज्यादा आयकर दाताओं को आकर्षित करना है तो स्टैंडर्ड डिडक्शन में बढ़ोतरी तो बनती है।
एक एक्सपर्ट ने तो इसे आय के एक सुनिश्चित प्रतिशत के रूप में छूट देने की भी वकालत की है। डेलॉयट इंडिया के पार्टनर सुधाकर सेथुरमन ने टीओआई से कहा है, किराये की आय पर 30% की मानक कटौती की तरह सरकार आय पर एक निश्चित प्रतिशत के रूप में मानक कटौती देने पर भी विचार कर सकती है। उन्होंने कहा,'निश्चित प्रतिशत उपलब्ध कराने से विभिन्न आय स्तरों में समानता आती है।'
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Budget 2025: निम्न से मध्यम आय वर्ग के लोगों को स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाने से मिल सकती है बड़ी राहत
इसी तरह से ईवाई इंडिया में टैक्स पार्टनर सुरभी मारवाह कहती हैं कि न्यू रिजीम में कोई खास छूट या कटौती का प्रावधान नहीं है, इसलिए '(स्टैंडर्ड डिडक्श)बढ़ने से कर योग्य आय में संभावित रूप से कमी आ सकती है, जिससे बड़ी राहत मिल सकती है, खास कर के निम्न से मध्यम आय वर्ग के लोगों के लिए।'












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