Budget 2022: बही खाते से लेकर सबसे लंबे बजट भाषण तक, भारत की बजट परंपरा के बारे में जानें 10 बातें
Budget 2022: बही खाते से लेकर सबसे लंबे बजट भाषण तक, भारत की बजट परंपरा के बारे में जानें 10 बातें
नई दिल्ली, 01 फरवरी: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज (01 फरवरी) को अपना चौथा केंद्रीय बजट-2022 संसद में पेश करेंगी। मौजूदा कोविड-19 महामारी की स्थिति को देखते हुए यह दूसरा पेपरलेस बजट होगा। बजट सत्र की शुरुआत 01 फरवरी को सुबह 11 बजे वित्त मंत्री द्वारा लोकसभा में बजट पेश करने के साथ होती है। लोकसभा में केंद्रीय बजट की प्रस्तुति के समापन के एक घंटे बाद, वित्त मंत्री राज्य सभा में वर्ष 2022-23 के लिए सरकार की अनुमानित प्राप्तियों और व्यय का एक विवरण (अंग्रेजी और हिंदी में) बजट पेश करेंगे। सोमवार को निर्मला सीतारमण ने आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया था, जिसमें सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि 8 से 8.5% की आशावादी थी। भारत में बजट को तैयार करना एक लंबी प्रक्रिया रही है और इसमें गोपनीयता बनाए रखने और इससे जुड़ी रोचक जानकारियों के कारण बजट हमेशा एक दिलचस्प विषय रहा है। तो आइए जानें भारत की बजट परंपरा के बारे में 10 ऐसी बातें, जो आप सभी को जाननी चाहिए।
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जानें भारतीय बजट का इतिहास
1. भारत में पहला बजट 7 अप्रैल 1860 को पेश किया गया था। उस वक्त ईस्ट इंडिया कंपनी के स्कॉटिश अर्थशास्त्री और राजनेता जेम्स विल्सन ने इसे ब्रिटिश क्राउन के सामने पेश किया था।
2. स्वतंत्र भारत का पहला बजट 26 नवंबर 1947 को तत्कालीन वित्त मंत्री आर के षणमुखम चेट्टी ने पेश किया था।
3. भारत में 1999 तक केंद्रीय बजट फरवरी के आखिरी कार्य दिवस (वर्किंग डे) पर शाम 5 बजे पेश किया जाता था? यह ब्रिटिश काल की एक प्रथा थी जो तब तक जारी रही जब तक कि तत्कालीन वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने समय बदलकर 11 बजे कर दिया। अरुण जेटली ने उस महीने के अंतिम कार्य दिवस का उपयोग करने की औपनिवेशिक युग की परंपरा से हटकर, 2017 में 1 फरवरी को केंद्रीय बजट पेश करना शुरू किया।

जब लगातार 2 घंटे 42 मिनट बोलती रहीं सीतारमण, बनाया ये रिकॉर्ड
4. निर्मला सीतारमण के नाम 1 फरवरी 2020 को केंद्रीय बजट 2020-21 पेश करते हुए 2 घंटे 42 मिनट तक भाषण देने का सबसे लंबा भाषण देने का रिकॉर्ड है। उस दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अस्वस्थ महसूस भी करने लगी थीं
5. हालांकि, बजट भाषण पेश करने का ये सबसे लंबा वक्त था लेकिन सबसे लंबा बजट भाषण नहीं था जिसमें अधिकतम शब्द थे। रिकॉर्ड बताते हैं कि 1991 में नरसिम्हा राव सरकार के तहत मनमोहन सिंह ने 18,650 शब्दों में सबसे लंबा बजट भाषण दिया था। 2018 में वित्त मंत्री अरुण जेटली के भाषण में 18,604 शब्द थे
6. सबसे छोटे बजट भाषण का रिकॉर्ड 1977 में तत्कालीन वित्त मंत्री हीरूभाई मुल्जीभाई पटेल ने बनाया था। इसमें 800 शब्द थे।

पहले सिर्फ अंग्रेजी में पेश किया जाता था भारत का बजट
7. भारत में 1955 तक केंद्रीय बजट सिर्फ अंग्रेजी में पेश किया जाता था। हालांकि, कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार ने बाद में बजट पत्रों को हिंदी और अंग्रेजी दोनों में छापने का फैसला किया।
8. 2017 तक रेल बजट और केंद्रीय बजट अलग-अलग पेश किए जाते थे। यह 92 सालों से चली आ रही प्रथा थी। लेकिन 2017 में रेल बजट को केंद्रीय बजट में मिला दिया गया और एक साथ पेश किया गया।
9. 2019 में निर्मला सीतारमण इंदिरा गांधी के बाद बजट पेश करने वाली दूसरी महिला बनीं। इंदिरा गांधी ने वित्तीय वर्ष 1970-71 के लिए बजट पेश किया था।

बही खाते से लेकर पेपरलेस बजट तक
10. सीतारमण ने ब्रीफकेस ले जाने के "औपनिवेशिक हैंगओवर" को दूर करते हुए बजट दस्तावेजों को ले जाने के लिए एक 'बही खाता' की शुरुआत की। 'बही खाता' पर राष्ट्रीय चिन्ह होता है। पिछले साल से, चूंकि बजट पेपरलेस हो गया था, इसलिए कोई 'बही खाता' भी नहीं है। लेकिन जिस टैबलेट से सीतारमण ने अपना बजट भाषण पढ़ा, वह बही खाता जैसे लाल लिफाफे में लिपटा हुआ था।












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