चुनावी तैयारियों में भाजपा-कांग्रेस से आगे निकली बीआरएस, सीएम केसीआर ने संभाला मोर्चा
तेलंगाना में चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है। यहां पर 30 नवंबर को मतदान होना है, ऐसे में सत्तारूढ़ भारत राष्ट्र समिति ने चुनावी अभियान में आगे निकलती दिख रही है। एक तरफ जहां कांग्रेस, भाजपा अभी तक अपने उम्मीदवारों का चयन नहीं कर पाए हैं, बीआरएस ने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है।
प्रदेश के मुख्यमंत्री और बीआरएस के सुप्रीमो के चंद्रशेखर राव ने पार्टी के 115 उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है। प्रदेश में विधानसभा की कुल 119 सीटें हैं। पार्टी की ओर से उम्मीदवारों के ऐलान के साथ ही उन्हें चुनाव प्रचार में जुट जाने को कह दिया गया है।

पार्टी की ओर से चुनावी रणनीति को तैयार कर लिया गया है। पार्टी के चुनाव अभियान की बात करें तो केसीआर 15 अक्टूबर को पार्टी के उम्मीदवारों के साथ बैठक करेंगे। यह बैठक तेलंगाना भवन हैदराबाद में होगी। यहां पर उम्मीदवारों को बी फॉर्म दिए जाएंगे जोकि पार्टी की ओर से पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर दिए जाएंगे। इसके बाद केसीआर पार्टी का चुनावी घोषणापत्र जारी करेंगे और हुसनाबाद में चुनावी रैली को भी संबोधित करेंगे।
केसीआर 16 अक्टूबर को जनगांव और भोंगीर में चुनावी रैली को संबोधित करेंगे। इसके बाद 17 अक्टूबर को वह सिद्दिपेट और सिरसिला में रैली को संबोधित करेंगे। 18 अक्टूबर को केसीआर जदचर्ला में चुनावी रैली को संबोधित करेंगे।
मुख्यमंत्री इस बार गजवेल और कामारेड्डी से चुनाव लड़ेंगे। उनकी मौजूदा विधानसभा सीट गजवेल है, जोकि सिद्दिपेट और मेडक जिले तक है। वहीं कामारेड्डी भी इसी जिले में स्थित है। केसीआर ने कहा है कि वह पार्टी नेताओं की अपील के चलते दो सीटों से चुनाव लड़ रहे है। 9 नवंबर को मुख्यमंत्री कामारेड्डी से अपना नामांकन दाखिल करेंगे और चुनावी रैली को संबोधित करेंगे।
बीआरएस और भाजपा ने अभी चुनावी घोषणा पत्र जारी नहीं किया है लेकिन कांग्रेस की ओर से छह सूत्रीय गारंटी को जारी किया गया है। पार्टी की ओर से कहा गया है कि सत्ता में आने पर महिलाओं को 2500 रुपए प्रतिमाह, एलपीजी सिलेंडर 500 रुपए में, महिलाओं के लिए फ्री बस सेवा, हर सीजन में किसानों को 15000 रुपए की मदद, 12000 रुपए हर किसान जोकि लीज पर खेत लेकर मजदूरी करता है, 4000 रुपए की पेंशन और 10 लाख रुपए का मेडिकल बीमा देगी।
भाजपा और बीआरएस की ओर से अभी चुनावी घोषणा पत्र का ऐलान किया जाना है। कई भाजपा नेताओं का मानना है कि पार्टी को उम्मीदवारों के नाम और घोषणा पत्र का पहले ऐलान कर देना चाहिए था।। वहीं कांग्रेस की बात करें तो पार्टी के नेताओं का कहना है कि टिकट के दावेदार काफी उम्मीदवार हैं। ये अपने आप ही प्रचार कर रहे हैं, उन्हें यह भी पता नहीं है कि पार्टी उन्हें टिकट देगी या नहीं।












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