बीआरएस नेता कविता ने केंद्र पर साधा निशाना- 2014 के बाद से अब तक भारत पर कर्ज बढ़कर 155 लाख करोड़ हो चुका है
बीआरएस नेता कविता ने केंद्र पर साधा निशाना 2014 से पहले भारत पर 55 लाख करोड़ रु का कर्ज था और अब 155 लाख करोड़ का कर्ज हो चुका है। इसके लिए राज्यों को दोष ना दें।

बीआरएस एमएलसी के कविता ने गुरुवार को मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा 2014 से पहले भारत पर 55 लाख करोड़ रुपये का कर्ज था, लेकिन आज भारत पर 155 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है। एमएलसी कविता ने बिना नाम लिए कहा वे (मोदी सरकार) हमें राजकोषीय विवेक सिखाने की कोशिश क्यों कर रहे हैं? हमने क्रांतिकारी नीतियां बनाईं। उन्होंने कहा तेलंगाना देश के सकल घरेलू उत्पाद का 4.5% योगदान देता है।
तो राज्यों को दोष न दें
कविता ने कहा यदि आप (केंद्र) उत्तरोत्तर नहीं सोच सकते हैं और राष्ट्र की क्षमता को अनलॉक नहीं कर सकते हैं, तो राज्यों को दोष न दें। एनडीए सरकार के पास धन और कॉलेज देने के लिए एक बहुत ही चयनात्मक दृष्टिकोण है जो वे देना चाहते हैं।
जानें तेलंगाना नेता कविता ने क्यों बोली ये बात ?
बता दें तेलंगाना मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के केंद्र के लक्ष्य पर कटाक्ष किया था जिसके बाद गुरुवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि ये कोई मजाक नहीं है। वित्त मंत्री ने आरोप लगाया था कि केसीआर ने अपमानजनक तरीके से बात की।
राजकोषीय विवेक में किसी पाठ की आवश्यकता नहीं है
वित्त मंत्री की इस टिप्पणी पर बीआरएस एमएलसी के कविता ने कहा कि
तेलंगाना को राजकोषीय विवेक में किसी पाठ की आवश्यकता नहीं है। मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में एमएलसी कविता ने अमृत काल बजट पर बोलते हुए कहा "हमारा लक्ष्य मजाक नहीं है। साथ ही मैं हाथ जोड़कर अपील करती हूं कि इसका मजाक न उड़ाएं।
तेलंगाना पर कर्ज के बोझ के बारे में वित्त मंत्री ने बोली थी ये बात
2014 में, तेलंगाना का ऋण बोझ केवल 64,000 करोड़ था, लेकिन अब यह 3 लाख करोड़ तक पहुंच गया है"। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि तेलंगाना सरकार अब राज्य को मेडिकल कॉलेज नहीं दिए जाने की शिकायत क्यों कर रही है जबकि केंद्र ने उन जिलों की सूची मांगी है जहां मेडिकल कॉलेज नहीं है।
वित्त मंत्री की इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए एमएलसी के कविता ने कहा
इतनी कामकाजी आबादी, 140 करोड़ भारतीय और पर्याप्त प्राकृतिक संसाधनों के साथ, इस देश में जबरदस्त क्षमता है। हम 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य क्यों बना रहे हैं? हमें बेहतर नीतियों की आवश्यकता है।
इसी बात में उन्होंने इस बात को जोड़ा
2014 से पहले भारत का कर्ज 55 लाख करोड़ था, लेकिन आज यह 155 लाख करोड़ है। वे (मोदी सरकार) हमें राजकोषीय विवेक सिखाने की कोशिश क्यों कर रहे हैं?
यूपी और गुजरात को मोदी सरकार ने सौगात दी, हमें क्या दिया?
वित्त मंत्री द्वारा मेडिकल कॉलेजों पर किए गए सवाल का जवाब देते हुए कविता ने कहा "मोदी सरकार ने गुजरात को डेटा सेंटर दिया, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश में मेट्रो परियोजनाओं को वित्त पोषित किया। इन राज्यों की प्रगति देखकर खुशी हुई, लेकिन अन्य राज्यों के बारे में क्या?"












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