कृष्णा नदी के पानी को लेकर कांग्रेस-बीआरएस आमने-सामने
तेलंगाना में पानी को लेकर विवाद लगातार बना हुआ है, इसको लेकर प्रदेश में राजनीति भी जमकर होती है। प्रदेश में सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी दल बीआरएस इस मुद्दे पर एक दूसरे पर लगातार हमलावर है। नागार्जुन सागर और श्रीशैलम प्रोजेक्ट को लेकर दोनों दलों में रस्साकस्सी जारी है। कृष्णा नदी के पानी को लेकर कृष्णा रिवर मैनेजमेंट बोर्ड को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने 4 फरवरी को बीआरएस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उन्होंने अपनी सरकार के कार्यकाल में कृष्णा नदी के पानी पर तेलंगाना के अधिकार को नजरअंदाज किया। इस मुद्दे को लेकर केसीआर और उनके समर्थक लगातार कांग्रेस सरकार पर हमलावर हैं। लोकसभा चुनाव जल्द ही होने वाले हैं ऐसे में दोनों ही दलों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है।

इस मुद्दे को लेकर बीआरएस लोकसभा चुनाव में अपनी सीटें बढ़ाने पर ध्यान दे रही है जबकि कांग्रेस भी इस मसले के चलते वोटर्स को अपनी ओर लाना चाहती है। बीआरएस नेता हरीष राव ने रेवंत रेड्डी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि हमारी सरकार ने इस प्रोजेक्ट के सामने सरेंडर नहीं किया था।
राव ने कहा कि मुख्यमंत्री अपनी सरकार की गलतियों को छिपाने के लिए बीआरएस और केसीआर के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं। जब कोई ऐसा व्यक्ति मुख्यमंत्री बन जाता है जो इसके लायक नहीं होता है तो वह इस तरह की भाषा का इस्तेमाल पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ करता है।












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