भारत के वैक्सीन सर्टिफिकेट में दिक्कत, कोविन और NHS ऐप बनाने वालों से हो रही बात: ब्रिटिश हाई कमिश्नर
नई दिल्ली, 22 सितंबर: भारत सरकार का दबाव आखिरकार काम आ गया, जहां बुधवार को लंदन ने भारत में लगाई जा रही कोविशील्ड को मान्यता दे दी। हालांकि अभी भी भारत से ब्रिटेन जाने वाले यात्रियों के लिए 14 दिन क्वांरटीन की शर्त रखी गई है। इसके पीछे ब्रिटेन सरकार ने भारतीय वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट को कारण बताया है। भारत में यूके के हाई कमिश्नर दावा कर रहे कि जल्द ही इस मसले को सुलझा लिया जाएगा।

NDTV से बात करते हुए ब्रिटिश हाई कमिश्नर एलेक्स एलिस ने कहा कि हम पहले ही साफ कर चुके हैं कि कोविशील्ड मुद्दा नहीं है, बल्कि कोरोना वैक्सीन सर्टिफिकेट को लेकर कुछ दिक्कतें हैं। इसके लिए कोविन ऐप और एनएचएस ऐप को बनाने वालों के साथ विस्तृत तकनीकी चर्चा जारी है। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश सरकार इस पर तत्काल विचार कर रही है। हालांकि उन्होंने समय सीमा बताने से इनकार कर दिया।
हाई कमिश्नर ने आगे बताया कि हजारों भारतीयों को अलग-अलग कैटेगरी में वीजा जारी किए गए हैं। यूके में ट्रैवल बैन हटने के बाद से बहुत से भारतीय ब्रिटेन जा रहे हैं। जिसमें पर्यटक, छात्र, व्यापारी आदि शामिल हैं। उन्होंने कहा कि 62,500 से ज्यादा स्टूडेंट वीजा जून 2021 तक जारी किए गए थे, जो पिछले साल की तुलना में करीब 30 फीसदी ज्यादा हैं। उनकी सरकार ट्रैवलिंग को पहले जितना आसान बनाना चाहती है।
पहले दिया था ये बयान
पहले ब्रिटेन सरकार ने कहा था कि जिन भारतीयों ने सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा निर्मित कोविशील्ड वैक्सीन की दोनों डोज ली हैं, उन्हें यूके में बिना वैक्सीन माना जाएगा। इसके अलावा उनके लिए 14 दिन का क्वांरटीन अनिवार्य होगा। बाद में भारत ने भी चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर ब्रिटेन ने अपने फैसले पर विचार नहीं किया, तो जवाबी कार्रवाई की जाएगी। जिसके बाद कोविशील्ड को मान्यता मिल गई, लेकिन नियमों में ढील नहीं मिली।












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