तेजपुर से उड़ान भरने वाले सुखोई के 2 पायलट को माना गया मृत, हादसे के कारणों का कुछ पता नहीं
नई दिल्ली। पिछले मंगलवार को असम के तेजपुर से लापता हुए इंडियन एयरफोर्स (आइएएफ) के फाइटर जेट सुखोई-30एमकेआई को उड़ा रहे दोनों पायलट्स को मृत मान लिया गया है। इस जेट का ब्लैक बॉक्स रविवार को छह दिनों तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद मिला था। 26 मई को सुखोई के कुछ टुकड़े भारत-चीन सीमा के पास मिले थे।

दोनों ही एनडीए से पासआउट
मंगलवार को तेजपुर एयरबेस से रवाना हुए इस सुखोई को स्क्वाड्रन लीडर दिवेश पंकज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट अचुदेव उड़ा रहे थे। स्क्वाड्रन लीडर की पंकज की उम्र 35 वर्ष थी तो तो फ्लाइट लेफ्टिनेंट अचुदेव 25 वर्ष के थे।
स्क्वाड्रन लीडर दिवेश पंकज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट अचुदेच दोनों ही नेशनल डिफेंस एकेडमी (एनडीए) से पासआउट हैं। ये भी पढ़ें:UPSC 2016 के परिणाम घोषित, यहां पढ़ें रिजल्ट
फ्लाइट लेफ्टिनेंट अचुदेव केरल के कोझीकोड के रहने वाले हैं। फिलहाल पिता साहदेवन और मां जयश्री दोनों ही तिरुवनंतपुरममें रह रहे हैं। उनके पिता इसरो से रिटायर्ड हैं और जैसे ही दोनों को एयरक्राफ्ट के गायब होने की जानकारी मिली वे तेजपुर के लिए रवाना हो गए थे।
दिवेश पंकज एक बेटी के पिता हैं और अगले माह वह स्क्वाड्रन लीडर से प्रमोट होकर विंग कमांडर बनने वाले थे।
अब तक आठ सुखोई क्रैश
मंगलवार 22 मई को सुखोई-30 ने असम के तेजपुर एयरबेस से सुबह 10:30 बजे टेकऑफ किया था। 11:10 मिनट पर इस जेट का संपर्क एटीसी से टूट गया था। इसके बाद सुखोई-30 तेजपुर से 60 किलोमीटर दूर उत्तर में चीन के बॉर्डर के पास लापता हुआ था और करीब छह दिनों तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद इसका ब्लैक बॉक्स मिल सका। ये भी पढ़ें: अधिसूचना ठीक से ना पढ़ने के कारण कर रहे हैं पशुओं से जुड़े अधिसूचना का विरोध- केरल हाईकोर्ट
ब्लैक बॉक्स मिलने के बाद भी पायलट्स का कुछ पता नहीं लग पा रहा है। वर्ष 1997 से सुखोई आइइएएफ का हिस्सा है और तब से लेकर अब तक सात बार क्रैश हो चुका है। तेजपुर एयरबेस पर 15 जून 2009 को सुखोई डेप्लॉय किए गए थे।
इनका डेप्लॉयमेंट अरुणाचल प्रदेश में चीन-भारत की सीमा को देखते हुए किया गया था। तेजपुर इस समय सुखोई की दो स्क्वाड्रन हैं जिसमें 36 एयरक्राफ्ट शामिल हैं। आइएएफ अभी तक अपने पास मौजूद 240 में से आठ सुखोई गंवा चुका है।












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