बॉम्बे हाईकोर्ट ने म्यांमार के आठ तब्लीगियों पर दर्ज FIR रद्द कीं, कहा- उनके कोरोना फैलाने का कोई सबूत नहीं

नई दिल्ली। बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच ने गुरुवार को म्यांमार के आठ तब्लीगी जमातियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर और चार्जशीट को रद्द कर कर दिया है। कोरोना संक्रमण फैलाने के आरोपों को लेकर दर्ज मामलों को खत्म करते हुए कोर्ट ने कहा कि ऐसा कोई सबूत केस में नहीं है, जिससे ये साबित होता हो कि इन लोगों ने महामारी फैलाई है। जस्टिस वीएम वीर देशपांडे और जस्टिस अमित बोरकर ने कहा कि इस मामले में केस आगे चलाना इन लोगों के साथ अन्याय होगा।

Bombay High Court quashes FIR against foriegn tablighi jamaat members

इस साल मार्च में नागपुर के तहसील पुलिस स्टेशन में इन जमातियों के खिलाफ वीजा नियमों के उल्लंघन, महामारी रोग अधिनियम, 1987, आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत मामला दर्ज किया था।

इससे पहले अगस्त में बॉम्बे हाईकोर्ट ने 29 विदेश के तबलीगी जमातियों पर दर्ज एफआईआर रद्द करने का आदेश दिया था। बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद पीठ ने ने सुनवाई के दौरान तल्ख लहजे में कहा था कि विदेश से आये जमातियों को बेवजह इस पूरे मामले में बलि का बकरा बना दिया गया। उनके खिलाफ एफआईआर का काई मतलब नहीं है, सभी एफआईआर रद्द की जाएं। हाईकोर्ट ने कोरोना मामले में मीडिया की भूमिका पर गुस्से का इजहार करते हुए कहा था कि तबलीगी जमात के लोगों के खिलाफ मीडिया ने एक प्रोपेगेंडा चलाकर उन्हें कोरोना फैलाने के जिम्मेदार की तरह पेश किया गया।

बता दें कि तब्लीगी जमात के बड़े केंद्र दिल्ली स्थित निजामुद्दीन में इसी साल के मार्च में तब्लीगी जमात के कार्यक्रम का आयोजन कराया गया था। इस कार्यक्रम में शामिल कुछ लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। जिसके बाद देशभर में उन लोगों पर कई केस किए गए जो यहां शामिल थे। इसमे बहुत से विदेशी भी थे। हालांकि इससे जुड़े ज्यादातर मामलों में कोर्ट या तो जमानतें दे चुका है या एफआईआर रद्द कर चुका है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+