लोकसभा में पास हुआ नागरिकता संशोधन बिल, एक्‍ट्रेस गौहर खान ने दिया ये रिएक्‍शन, हुआ वायरल

नई दिल्‍ली। नागरिकता संशोधन विधेयक लोकसभा में पारित हो गया है। विधेयक के पक्ष में 311 तो इसके विपक्ष में 80 मत पड़े है । गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को विधेयक पेश किया। भारी हंगामे के बीच उन्होंने इसे सदन में रखा जिसका विपक्षी दलों खासकर कांग्रेस ने जोरदार विरोध किया। इस बिल के तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में धार्मिक उत्पीड़न के शिकार गैर मुस्लिम शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता देने का प्रावधान है। इस बिल का जहां बड़ी संख्या में लोग समर्थन कर रहे तो कुछ इसके विरोध में भी हैं। सबसे ज्‍यादा विरोध के सुर बॉलीवुड से आ रही है। एक्ट्रेस और बिग बॉस विनर गौहर खान ने इस बिल को भारतीय संविधान के लिए दुखद बताते हुए ट्वीट किया है। गौहर का ये ट्वीट सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। जानिए क्‍या कहा है गौहर खान ने

नागरिकता संशोधन विधेयक भारतीय लोकतंत्र के लिए दुखद दिन

नागरिकता संशोधन विधेयक भारतीय लोकतंत्र के लिए दुखद दिन

लोकसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक के पास होने के बाद गौहर खान ने ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने बीते दिन को भारतीय लोकतंत्र के दुख भरा दिन बताया। गौहर खान का यह ट्वीट सोशल मीडिया पर जमकर सुर्खियां बटोर रहा है, साथ ही लोग इसपर खूब रिएक्शन भी दे रहे हैं। अपने ट्वीट में गौहर खान ने लिखा, "नागरिकता संशोधन विधेयक भारतीय लोकतंत्र के लिए दुखद दिन है।" गौहर खान के अलावा इस बिल को लेकर बॉलीवुड एक्ट्रेस स्वरा भास्कर और ऋचा चड्ढा ने भी ट्वीट किया था। अपने ट्वीट में स्वरा भास्कर ने जहां शर्मनाक लिखा था तो वहीं ऋचा चड्ढा ने लिखा कि भगवान हमारी रक्षा करे।

स्‍वरा भास्‍कर ने भी किया विरोध

स्वरा भास्कर ने ट्वीट कर लिखा, 'मैं नहीं चाहती कि एक करदाता के रूप में मेरी मेहनत की कमाई इस बीमार बिग्रेड NRC/CAB परियोजना के वित्तपोषण में खर्च हो!' #CAB #CABAgainstConstitution #CABBill #NRCBill #IndiaAgainstCAB. इसके अलावा इस बिल का विरोध आलिया भट्ट की मां सोनी राजदान ने भी किया है। उन्‍होंने कहा "यह उस भारत का अंत है, जिसे हम जानते हैं और प्यार करते हैं या हम में से कई के लिए जो करते हैं।"

जान लीजिए क्‍या है नागरिकता संशोधन बिल

जान लीजिए क्‍या है नागरिकता संशोधन बिल

नागरिकता संशोधन विधेयक का उद्देश्य छह समुदायों - हिन्दू, ईसाई, सिख, जैन, बौद्ध तथा पारसी - के लोगों को भारतीय नागरिकता प्रदान करना है। बिल के जरिये मौजूदा कानूनों में संशोधन किया जाएगा, ताकि चुनिंदा वर्गों के गैरकानूनी प्रवासियों को छूट प्रदान की जा सके। चूंकि इस विधेयक में मुस्लिमों को शामिल नहीं किया गया है, इसलिए विपक्ष ने बिल को भारतीय संविधान में निहित धर्मनिरपेक्ष सिद्धांतों के खिलाफ बताते हुए उसकी आलोचना की है। खबरों के अनुसार, नए विधेयक में अन्य संशोधन भी किए गए हैं, ताकि 'गैरकानूनी रूप से भारत में घुसे' लोगों तथा पड़ोसी देशों में धार्मिक अत्याचारों का शिकार होकर भारत में शरण लेने वाले लोगों में स्पष्ट रूप से अंतर किया जा सके।

देश के पूर्वोत्तर राज्यों में इस विधेयक का विरोध किया जा रहा है, और उनकी चिंता है कि पिछले कुछ दशकों में बांग्लादेश से बड़ी तादाद में आए हिन्दुओं को नागरिकता प्रदान की जा सकती है। नागरिकता (संशोधन) विधेयक का संसद के निचले सदन लोकसभा में आसानी से पारित हो जाना तय है, लेकिन राज्यसभा में, जहां केंद्र सरकार के पास बहुमत नहीं है, इसका पारित हो जाना आसान नहीं होगा।

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