ब्लैक मनी बिल से उड़ी कोरपोरेट इंडिया की नींद
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) देश में काले धन पर शिंकजा कसने के लिए लाए जा रहे काला धन रोधी बिल ने कोरपोरेट इंडिया की नींद हराम कर दी हैं। इस बिल को ब्लैक मनी बिल भी कहा जा रहा है।

उद्योग और वाणिज्य परिसंघ फिक्की के एक अधिकारी ने अपना नाम गुप्त रखने की शर्त पर कहा कि उक्त बिल में बिजनेस जगत से जुड़े लोगों को कोई राहत नहीं है। इसके कुछ बिन्दु समझ से परे हैं। अगर कोई इंसान अपने आप भी अपनी संपत्ति की जानकारी देता है तो भी उसे कोई राहत नहीं है।
10 वर्ष के कारावास
सूत्रों ने बताया कि इस बिल में विदेशी संपत्ति से संबंधित टैक्स की चोरी करने वालों को अधिकतम 10 वर्ष के कारावास का प्रावधान किया गया है। बिल के प्रावधानों के तहत विदेशी आय व संपत्तियों को छिपाना समझौते के अयोग्य होगा और उल्लंघन करने वालों को विवाद को सुलझाने के लिए समझौता आयोग जाने की अनुमति नहीं होगी। इसके साथ ही छिपाई गई आय या संपत्ति पर लगने वाले टैक्स का 300 फीसदी की दर से जुर्माना भी देना होगा।
कितना काला धन
जानकारी के मुताबिक, भारत का अवैध रूप से विदेशों में 466 अरब डॉलर से लेकर 1,400 अरब डॉलर होगा।जानकारों का कहना है कि बहुत सी कंपनियां इस बिल के विभिन्न बिन्दुओं को लेकर विधि विशेषज्ञों से बात कर रही हैं। जानकारी के मुताबिक,इसमें एक छोटी अवधि की राहत दिए जाने का प्रावधान है, जिसमें इनकम टैक्स देने वाले विदेशों में जमा धन व संपत्ति की जानकारी देने के साथ ही टैक्स व जुर्माना चुकाकर जेल जाने से बच सकेंगे।












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