छत्तीसगढ़ जीतने के लिए बीजेपी ने बनाया ये मास्टर प्लान, इनकी टिकट काटकर जीतने की तैयारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ के चुनाव में कांग्रेस को पटखनी देने के लिए बीजेपी एक नई चाल चल सकती है। इस प्लान के तहत उन विधायकों और मंत्रियों के टिकट काटे जा सकते हैं जिनको लेकर जनता में जरा भी नाराजगी है। हाईकमान अलग-अलग तरीकों से जनता को रुख को टटोलने की कोशिश कर रहा है। भाजपा गुजरात मॉडल अपनाते हुए एंटीइंकम्बेसी कम करने के लिए सिटिंग विधायकों की टिकट काटकर नये चेहरों पर दांव खेलने की योजना बना रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक भाजपा इस बार तीन मंत्रियों समेत 18 विधायकों की टिकट काट सकती है। मंत्रियों में गृहमंत्री रामसेवक पैकरा, महिला एवं बाल विकास मंत्री रमशिला साहू, और भैयालाल राजवाड़े पर खतरा मंडरा रहा है। इसके अलावा कई चर्चित विधायकों के भी टिकट खटाई में पड सकते हैं।

राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के दौरे के बार एकात्म परिसर में हुई पर्यवेक्षकों की बैठक में टिकटों को लेकर भाजपा ने रविवार को 90 विधानसभा सीटों पर अपने पदाधिकारियों को प्रत्याशियों के चार-चार नाम देकर उनमें से एक चुनने की कवायद करवाई। अब भाजपा से जो सूचना छनकर आ रही है, उसके मुताबिक पार्टी तीन वर्तमान मंत्रियों के साथ 18 विधायकों के टिकट काटने की तैयारी कर रही है। विधायकों में राजशरण भगत, लखन देवांगन, रामलाल चौहान, रूपकुमारी चौधरी, चुन्नीलाल साहू, श्रीचंद सुंदरानी, संतोष उपाध्याय, अशोक साहू, सरोजनी बंजारे, बद्रीधर दीवान समेत 18 विधायकों के नाम कट सकते हैं।

वर्तमान में 49 सीटों में से 31 विधायक रिपीट होंगे, 18 विधायकों की टिकट कटेगी, इनमें तीन मंत्री भी शामिल हैं। मसलन, बैंकुंठपुर से भैयालाल राजवाड़े विधायक हैं। पूर्व वित्तमंत्री रामचंद्र सिंहदेव के देहवसान के बाद बैकुंठपुर से उनकी भतीजी के चुनाव लड़ने की अटकलें हैं। सिंहदेव बेहद लाेकप्रिय रहे हैं। उनकी भतीजी को सिंहदेव के कार्य और व्यवहार का लाभ मिलेगा साथ में सहानुभूति भी। ऐसे में बैकुंठपुर सीट भाजपा के लिए टफ हो गई है। संगठन वहां से विकल्प तलाशने में जुटा हुआ।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने दुर्ग दौरे के दौरान कहा था कि 15 अगस्त तक टिकटों की घोषणा कर देंगे। लेकिन लगता है ये कांग्रेस के लिए दावेदारों के नाम की घोषणा टेड़ी खीर बनती जा रही है। दावा किया गया था कि रविवार को पहले चरण के चुनाव के लिए उम्मीदवारों की घोषणा हो जाएगी।
अभी भी पेच फंसा हुआ है। बताया जा रहा है कि पहले चरण की 18 सीटों में से 17 पर तो सहमति बन गए है लेकिन राजनांदगांव पर संशय है, उम्मीद की जा रही है कि कांग्रेस अटल जी की भतीजी करूणा शुक्ला को मैदान में उतार सकती है।
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