लाल बहादुर शास्त्री की छवि को भुनाने की तैयारी में भाजपा

भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने शुक्रवार को लखनऊ में साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर के लोकार्पण के दौरान भी कहा कि भाजपा ने ही जय जवान, जय किसान के नारे को आगे बढ़ाने का काम किया है। अटलजी के कार्यकाल के दौरान जय जवान, जय किसान के साथ जय विज्ञान जोड़ा गया।
इससे पूर्व दिल्ली में हुई राष्ट्रीय परिषद की बैठक में भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने भी गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री के रूप में लाल बहादुर शास्त्री का नाम लेकर कांग्रेस पर करारा प्रहार किया था। शास्त्री के अलावा मोदी ने देश के पहले गृह मंत्री सरदार बल्लभ भाई पटेल के नाम पर स्टेचू ऑफ लिबर्टी की तर्ज पर गुजरात में पटेल की प्रतिमा बनाने का ऐलान किया था। उन्होंने यह भी कहा था कि इसके लिए सारे देश से लोहा एकत्र किया जाएगा और यह अभियान उप्र में भी चलाया जा रहा है।
आडवाणी और मोदी की उसी रणनीति को आगे बढ़ाते हुए अब भाजपा ने दो अक्टूबर को महात्मा गांधी के साथ ही लाल बहादुर शास्त्री का जन्मदिन भी धूमधाम से मनाने की तैयारी में जुटी हुई है। शास्त्री को भुनाने में जुटी भाजपा इलाहाबाद में दो अक्टूबर को बड़ा कार्यक्रम आयोजित करने जा रही है और इसमें पार्टी मामलों के उप्र प्रभारी अमित शाह सहित कई बड़े नेता भी शामिल होंगे।मोदी ने भी गैर कांग्रेसी पीएम के रूप में शास्त्री का नाम लिया
इस कार्यक्रम के आयोजनकर्ता और रिश्ते में लाल बहादुर शास्त्री के नाती सिद्घार्थ नाथ सिंह ने आईएएनएस को बताया, दो अक्टूबर को आयोजित होने वाले कार्यक्रम में भाजपा के नेता रविशंकर प्रसाद मौजूद रहेंगे। उनकी मौजूदगी में इलाहाबाद में के. पी. समुदायिक सेंटर में देश की मांग 'मजबूत नेता, निर्भिक सरकार' विषय पर एक गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा।
सिंह ने बताया कि दो अक्टूबर को भाजपा की ओर से किसान जन जागरण रथयात्रा की शुरुआत की जाएगी। यह रथयात्रा अपने पहले चरण में दो अक्टूबर से 11 अक्टूबर के बीच फूलपुर लोकसभा क्षेत्र में घूमेगी। दूसरे चरण में 12 अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक यह रथयात्रा इलाहाबाद लोकसभा क्षेत्र में लोगों के बीच पहुंचेगी।
इस रथयात्रा के उद्देश्य के बारे में पूछे जाने पर सिंह ने कहा, इस रथयात्रा के माध्यम से किसानों के बीच जनजागरण चलाया जाएगा। उन्हें भाजपा शासित राज्यों मध्य प्रदेश और गुजरात में किसानों की खुशहाली के बारे में भी बताया जाएगा। गुजरात जैसा प्रदेश सुशासन की वजह से ही कृषि दर 10 प्रतिशत की दर हासिल कर चुका है। इस बारे में भी लोगों को विस्तार से बताया जाएगा। सिंह बताते हैं कि गुजरात में कृषि की बेहतरी को लेकर किए जा रहे कार्यो से जुड़ी एक 20 मिनट की वीडियो फिल्म भी दिखाई जाएगी।
इतिहास के पन्ने
उल्लेखनीय है कि नौ अक्टूबर को इलाहाबाद के फाफामउ विधानसभा में एक रैली का आयोजन भी किया गया है। इस रैली में भाजपा के उप्र प्रभारी अमित शाह और प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी मौजूद रहेंगे। 11 अक्टूबर को फूलपुर में एक रैली आयोजित की गई है, जिसमें पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी और उप्र चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ. रमापति राम त्रिपाठी भी मौजूद रहेंगे।
प्रदेश प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक से जब यह पूछा गया कि क्या भाजपा गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्रियों में शास्त्री को साधने का मन बना चुकी है, तो उन्होंने कहा, यह कोई पहला आयोजन नहीं है। भाजपा पहले भी लाल बहादुर शास्त्री के जन्म दिवस पर कार्यक्रमों का आयोजन करती रही है।
पाठक ने यह भी बताया कि भाजपा के वरिष्ठ नेता कलराज मिश्र ने वर्ष 1999 में किसान जनजागरण यात्रा निकाली थी। इसकी शुरुआत 25 सितंबर को दीन दयाल उपाध्याय की जन्मदिवस के दिन हुई थी और इसका समापन शास्त्री के जन्मदिन के मौके पर दो अक्टूबर को हुआ था। इस कार्यक्रम में भाजपा के कई नेताओं ने भाग भी लिया था।
इस बीच भाजपा के रणनीतिकारों की मानें तो इस रथयात्रा का आयोजन करने का उद्देश्य शास्त्री की छवि को भुनाना ही है। भाजपा को लगता है कि शास्त्री के बहाने वह किसानों के बीच आसानी से अच्छी पैठ बना पाएगी। इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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