BJP ने अन्ना यूनिवर्सिटी के आरोपी की उदयनिधि स्टालिन के साथ पोस्ट की तस्वीर, DMK ने दी यह प्रतिक्रिया
Tamil Nadu: अन्ना विश्वविद्यालय में एक 19 वर्षीय छात्रा के कथित यौन उत्पीड़न की घटना ने पूरे तमिलनाडु में आक्रोश फैला दिया है। इस घटना ने न केवल सुरक्षा तंत्र की खामियों को उजागर किया है। बल्कि राजनीतिक विवाद भी खड़ा कर दिया है। आरोपी गणानाशेखरन (37) जिसने छात्रा के पुरुष मित्र पर हमला करने के बाद पीड़िता को निशाना बनाया। उनको लेकर भारतीय जनता पार्टी ने द्रविड़ मुनेत्र कड़गम पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
भाजपा ने डीएमके पर साधा निशाना
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के अन्नामलाई ने डीएमके पर आरोपी को संरक्षण देने का आरोप लगाया। उन्होंने सोशल मीडिया पर आरोपी गणानाशेखरन की डीएमके नेताओं, विशेष रूप से उदयनिधि स्टालिन के साथ तस्वीरें साझा कीं। अन्नामलाई ने कहा कि तमिलनाडु में अपराधियों को डीएमके का संरक्षण प्राप्त है। ऐसे लोगों के खिलाफ मामलों को जानबूझकर अनदेखा किया जाता है। जिससे वे अपराध करने के लिए आजाद रहते हैं।

भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि डीएमके की सरकार पीड़ितों की सुरक्षा और निजता सुनिश्चित करने में विफल रही है। एफआईआर के लीक होने और पीड़िता का विवरण सार्वजनिक होने पर भी भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई। अन्नामलाई ने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पर महिलाओं की सुरक्षा से समझौता करने का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में डीएमके यौन अपराधियों को बढ़ावा मिल रहा है।
डीएमके का जवाब
डीएमके प्रवक्ता ए सरवनन ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि एक तस्वीर यह साबित नहीं करती कि पार्टी आरोपी का समर्थन करती है। डीएमके सरकार न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है और आरोपी की संबद्धता की परवाह किए बिना कानून अपना काम करेगा। सरवनन ने भाजपा पर राजनीतिक लाभ के लिए इस मामले का उपयोग करने और राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाने का आरोप लगाया।
विरोध प्रदर्शनों से गरमाया माहौल
इस घटना के बाद छात्रों और राजनीतिक दलों द्वारा विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया और ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक वूमेन एसोसिएशन ने विश्वविद्यालय में सुरक्षा उपायों को मजबूत करने और पीड़िता के लिए न्याय की मांग की।
भाजपा और एआईएडीएमके कार्यकर्ताओं ने भी इस घटना के खिलाफ प्रदर्शन किया। जिसमें तमिलिसाई सुंदरराजन और भाजपा नेता कारू नागराजन ने भाग लिया। पुलिस ने इन प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। जिसके बाद तमिलिसाई ने इसे प्रदर्शनकारियों की आवाज दबाने का प्रयास करार दिया।
महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल
यह घटना तमिलनाडु में महिलाओं की सुरक्षा और यौन अपराधों से निपटने में प्रशासन की क्षमता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में बेहतर सुरक्षा उपायों की मांग की है। जबकि राजनीतिक दलों ने राज्य की कानून व्यवस्था पर बहस छेड़ दी है।
राजनीतिक तनाव और आगे की राह
तमिलनाडु की राजनीति इस घटना के बाद गरमा गई है। जहां भाजपा ने डीएमके को महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर घेर लिया है। वहीं डीएमके ने इसे राजनीति से प्रेरित बताया है।
अन्ना विश्वविद्यालय की घटना ने समाज और सरकार को यौन उत्पीड़न की गंभीरता और उसके निवारण के लिए मजबूत कदम उठाने की आवश्यकता पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर किया है। यह घटना केवल न्याय और सुरक्षा के मुद्दे तक सीमित नहीं है। बल्कि राजनीतिक जवाबदेही और सामाजिक सुधार की व्यापक चर्चा की मांग करती है।












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