भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का ऐलान जल्द, मोहन भागवत ने कह दी बड़ी बात, RSS तय करेगा BJP चीफ का मानदंड!
Next BJP National President: भारतीय जनता पार्टी (BJP) और मोदी सरकार के लिए आने वाले कुछ दिन बेहद व्यस्त होने वाले हैं। लंबे समय से टली हुई संगठनात्मक बदलाव और नियुक्तियों, जिसमें भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की नियुक्ति और राजभवनों में बदलाव शामिल है, को लेकर अब फैसला लेने की तैयारी चल रही है। ऐसे में RSS प्रमुख मोहन भागवत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच संभावित चर्चा पर सबकी नजरें टिकी हैं।
नए भाजपा अध्यक्ष की नियुक्ति और संगठनात्मक बदलावों के बारे में पूछे जाने पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा, ''अगर आरएसएस ने भाजपा अध्यक्ष चुना होता, तो क्या इसमें इतना समय लगता।'' RSS के शताब्दी समारोह में आज गुरुवार (28 अगस्त) को मोहन भागवत ने कहा, ''अगर किसी को अच्छे काम में हमारी मदद की जरूरत होती है, तो हम सिर्फ भाजपा ही नहीं, बल्कि सभी की मदद करते हैं।''

मोहन भागवत इस महीने दूसरी बार दिल्ली में हैं। मोहन भागवत तीन दिवसीय कार्यक्रम के लिए नई दिल्ली में हैं, इसलिए सबकी निगाहें भाजपा के संगठनात्मक बदलावों और नियुक्तियों पर हैं। मोहन भागवत आज गुरुवार (28 अगस्त) को संघ के शताब्दी समारोह में शामिल हुए। वहीं 29 अगस्त से प्रधानमंत्री मोदी चार दिवसीय विदेश यात्रा पर रवाना होंगे।
सूत्रों के मुताबिक पीएम मोदी और मोहन भागवत दोनों दिल्ली में मौजूद होने के दौरान इन नियुक्तियों पर बातचीत कर सकते हैं। दोनों के बीच बड़ी बैठक होने की संभावना है। इंडियन एक्सप्रेस ने बीजेपी सूत्रों के हवाले से लिखा है, ''सबकी नजरें RSS प्रमुख और पीएम मोदी की बैठक पर हैं। भागवत दिल्ली पहुंचने के बाद वरिष्ठ बीजेपी नेताओं से लगातार मुलाकात कर रहे हैं।''
क्या-क्या हो सकता है एजेंडे में?
सूत्रों के मुताबिक बैठक में केंद्रीय कैबिनेट में बदलाव, नए बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष की नियुक्ति, और राजभवनों में बदलाव जैसे मुद्दे शामिल हो सकते हैं। हालांकि RSS कभी सीधे नाम सुझाता नहीं है, लेकिन पार्टी के लिए चयन के सापेक्ष मानदंड (criteria) तय कर सकती है।
पितृ पक्ष की अवधि 1-2 सितंबर से शुरू होने वाली है। इस दौरान नई नियुक्तियों का प्रचलन नहीं होता, इसलिए अगर अब फैसला टला तो पार्टी और सरकार में बदलाव और भी पीछे खिसक सकता है।
भाजपा अध्यक्ष कैसा हो? RSS तय करेगा मानदंड
सूत्रों ने कहा, "आरएसएस और भाजपा के शीर्ष नेताओं के केंद्रीय मंत्रिमंडल में बदलावों पर भी चर्चा करने की उम्मीद है, जो संगठनात्मक फेरबदल से जुड़ा है, जिसमें भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की नियुक्ति और राजभवनों में बदलाव शामिल हैं।"
उन्होंने आगे कहा कि आरएसएस हमेशा की तरह विशिष्ट नामों का सुझाव नहीं देगा, बल्कि "भाजपा द्वारा पूछे जाने पर (पदों के चयन के लिए) व्यापक मानदंड" निर्धारित करेगा। यानी साफ है भाजपा का अध्यक्ष कैसा हो? ये मानदंड RSS तय करेगा। हालांकि उन मानदंड पर कौन से नेता खरे उतरगें, उसका चुनाव भाजपा के शीर्ष नेता ही करेंगे।
बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष की राह में बाधाएं
BJP संविधान के मुताबिक राष्ट्रीय अध्यक्ष तब ही चुना जा सकता है जब कम से कम 19 राज्य इकाइयों के अध्यक्ष चुने जा चुके हों। फिलहाल हरियाणा, उत्तर प्रदेश और गुजरात जैसे राज्यों में अंदरूनी झगड़ों के कारण चुनाव में देरी है। कुछ लोग सुझाव दे रहे हैं कि पितृ पक्ष के बाद यानी सितंबर के मध्य में यह फैसला लिया जाए।
इसके साथ ही, 9-सितंबर को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव और 22 सितंबर से शुरू होने वाले नौ दिन के नवरात्रि पर्व को शुभ माना जा रहा है, जो नियुक्तियों के लिए सही समय माना जा सकता है।
शिवराज सिंह चौहान की प्रतिक्रिया
इस बीच केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ग्वालियर में पत्रकारों से कहा कि वह इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुझे कृषि, किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी है। इस समय कृषि मेरे हर रग में है और किसान मेरी सांस है। राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने का मुझे कभी विचार नहीं आया और किसी ने मुझे इस बारे में नहीं बताया।" इस बयान से स्पष्ट है कि शिवराज सिंह चौहान फिलहाल केवल अपने वर्तमान मंत्रालय और किसानों की भलाई पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।












Click it and Unblock the Notifications