बिप्लब देब के इस्तीफे को लेकर विधायक दल की मीटिंग के बाद हंगामा, कुर्सियां उठा-उठाकर फेंकी गई
अगरतला, मई 14। त्रिपुरा में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले एक बड़ा सियासी फेरबदल हो गया है। दरअसल, बिप्लब कुमार देब ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। उनकी जगह माणिक साहा राज्य के नए मुख्यमंत्री होंगे। बिप्लब देब के इस्तीफे के साथ ही त्रिपुरा बीजेपी में असंतोष की लहर फैल गई है और पार्टी नेताओं के बीच ही झगड़े शुरू हो गए हैं।

विधायक दल की बैठक के बाद हुआ हंगामा
शनिवार को बिप्लब देब के इस्तीफे के बाद अगरतला में विधायक दल की एक बैठक हुई। इस बैठक के बाद हॉल में हंगामा हो गया। इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक, पार्टी के विधायक और मंत्री राम प्रसाद पॉल ने बिप्लब के इस्तीफे का विरोध करना शुरू कर दिया। आपको बता दें कि राम प्रसाद पॉल को हाल ही में मंत्रीपरिषद में शामिल किया गया था।
विधायक राम प्रसाद पॉल को आया गुस्सा
विधायक दल की मीटिंग के बाद हुए हंगामे का वीडियो भी सामने आया है। इस वीडियो में भाजपा विधायक और मंत्री राम प्रसाद पॉल को चिल्लाते हुए देखा जा सकता है। राम प्रसाद पॉल काफी गुस्से में अन्य विधायकों पर भड़कते हुए दिख रहे हैं। इस दौरान पॉल ने कुर्सी तोड़ने की कोशिश की और उन्होंने पार्टी छोड़ने तक की धमकी भी दे डाली। इस दौरान केंद्रीय मंत्री प्रतिमा भौमिक सहित अन्य लोगों ने उन्हें शांत करने की कोशिश की।
क्यों राम प्रसाद पॉल को आया गुस्सा?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, राम प्रसाद पॉल की नाराजगी की वजह यह बताई जा रही है कि उन्हें यह उम्मीद थी कि जिष्णु देव वर्मा को राज्य का अगला मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। जिष्णु देव वर्मा अभी त्रिपुरा के उपमुख्यमंत्री हैं।
इस घटना पर टीएमसी की प्रतिक्रिया आई है। टीएमसी ने ट्वीट कर कहा है कि यह बीजेपी की गुंडागर्दी है। बिप्लब देब के इस्तीफे के बाद बीजेपी विधायकों की अराजकता यह साबित करती है कि राज्य भाजपा के अधीन है और बीजेपी की सरकार अपने बुरे समय की ओर बढ़ रही है।












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