पांच वजहें क्यों 'शक्तिमान' को मेनका गांधी से मदद की आस
देहरादून। बीजेपी के उत्तराखंड विधायक गणेश जोशी ने जिस निर्दयता से एक बेजुबान घोड़े को अपाहिज होने की कगार पर पहुंचा दिया है, उसका वीडियो देखकर हर कोई सहम गया है।
खास बात है कि गणेश जोशी के इस वीडियो को देखने के बाद हर कोई सवाल कर रहा है कि क्या जानवरों के हक के लिए लड़ाई लड़ने वाली केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी उनके खिलाफ कोई एक्शन लेंगी या फिर उन्हें कोई नोटिस भेजेंगी।
देखें कैसे विधायक ने की 'शक्तिमान' की पिटाई
देहरादून में बीजेपी विधायक ने जिस घोड़े को बेदर्दी से मारा है उसका नाम 'शक्तिमान' है। उसे इतनी बुरी तरह से पीटा गया कि उसकी टांग लटकने लगी और बताया जा रहा है कि अब शायद 'शक्तिमान' कभी भी चलने के लायक नहीं हो पाएगा।
मेनका को देश के लोग हर उस व्यक्ति या फिर फिल्म निर्माता से लेकर कलाकार तक को नोटिस भेजने के लिए तौर पर जानते हैं, जिन्होंने जानवरों के खिलाफ कोई बदसलूकी की।
केंद्रीय महिला एवं बाल कल्याण मंत्री मेनका, इन दिनों यूनाइटेड नेशंस के एक कार्यक्रम में भाग लेने न्यूयॉर्क गई हैं।
एक नजर डालिए मेनका गांधी ने पिछले कुछ दिनों में जानवरों के साथ बदसलूकी के मामले पर रक्षा मंत्रालय तक को नहीं बख्शा है।

क्या मेनका करेंगी शक्तिमान के साथ न्याय
मेनका जिस सरकार में मंत्री हैं, उसी सरकार के विधायक ने शक्तिमान के साथ इतना निर्दयी व्यवहार किया है। अगर पिछले दिनों मेनका गांधी की ओर से लिए गए एक्शन पर नजर डाली जाए तो उम्मीद बंधती है कि मेनका, गणेश जोशी के खिलाफ सख्त रुख अपनाकर शक्तिमान को न्याय दिला सकती हैं।

रक्षा मंत्रालय को भेजी थी चिट्ठी
मेनका गांधी ने पिछले वर्ष अप्रैल में इंडियन आर्मी में जारी दो परंपराओं को अमानवीय बताते हुए रक्षा मंत्री मनोहर पार्रिकर को चिट्ठी लिखी थी। मेनका ने गोरखा रेजीमेंट में जारी बलि प्रथा और जानवरों को रेजीमेंट के लिए एयरड्रॉप करने को जानवरों के साथ अत्याचार बताया था।

मणिपुर में जानवरों का सहारा बनीं मेनका
पिछले वर्ष जब मणिपुर में बाढ़ आई थी तो केंद्रीय मंत्री और पीपुल फॉर एनीमल (पीएफए) की चेयरपर्सन मेनका गांधी ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे हुए जानवरों की मदद के लिए दवाईयां भिजवाई थीं।

जब लिखी जानवरों के लिए चिट्ठी
मेनका गांधी वर्ष 2013 में सांसद थीं और उन्होंने उस समय सड़क पर रहने वाले जानवरों के लिए एक चिट्ठी लिखी थी। इस चिट्ठी में उन्होंने पश्चिम के देशों का उदाहरण दिया था जहां पर सड़कों पर रहने वाले जानवरों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही थीं।

कई फिल्ममेकर्स को भेजा नोटिस
मेनका गांधी अक्सर फिल्मों में जानवरों के खिलाफ हुए सुलूक पर फिल्ममेकर्स को नोटिस भेजने के लिए मशहूर हैं। ऐसे में शक्तिमान मेनका गांधी से कम से कम उम्मीद कर सकता है कि वह उसके साथ न्याय जरूर करेंगी।












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