भाजपा नेता विजय पंडित की हत्या का खुलासा

साजिशकर्ता सुंदर भाटी का दाहिना हाथ दिल्ली पुलिस का पूर्व सिपाही पचास हजार का इनामी बदमाश बलराज भाटी है। मामले में दो आरोपियों को हिरासत में लिया जा चुका है। शेष की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ ने उनके घरवालों को उठा लिया है। अब बस पर्दा उठना बाकी है। समझा जाता है कि आला अधिकारियों की मौजूदगी में इसकी औपचारिकता पूरी की जाएगी।
एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि हत्याकांड में शामिल सभी आरोपी चिह्नित हैं। हत्या के पीछे राजनीतिक कारण नहीं है। जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा। एसटीएफ और पुलिस की अब तक की जांच में विजय पंडित हत्याकांड के पीछे राजनीतिक कारण स्पष्ट नहीं हुआ है। अब तक यह भी स्पष्ट नहीं है कि हत्या की पूर्व में जानकारी सुंदर भाटी को थी या नहीं। बलराज के पकड़े जाने पर ही यह साफ हो पाएगा।
एक नजर:
उल्लेखनीय है कि 12 सिंतबर 2012 को दादरी में विजय पंडित के करीबी रविंद्र शर्मा की हत्या कर दी गई थी। हत्या में अशोक, गगन, भोलू, जीतू और सनी नामजद थे। तब दादरी में बवाल हुआ था। विजय पंडित को बवाल का आरोपी बनाया गया था। हत्यारोपियों को जेल भेजा गया था। अगस्त, 2013 में आरोपी जमानत पर बाहर आ गए थे। रविंद्र शर्मा के घर वालों से समझौता कर लिया था। बवाल वाले पक्ष में गवाही देने को तैयार हो गए थे लेकिन विजय पंडित किसी भी कीमत पर आरोपियों के पक्ष में गवाही दिलाने को तैयार नहीं थे। इससे भोलू, जीतू, सनी समेत अन्य आरोपी खफा थे। उन्होंने इसकी जानकारी सुंदर भाटी के लिए काम करने वाले गुलावठी, बुलंदशहर के अश्रि्वन को दी।
सुंदर भाटी के कहने पर अश्रि्वन बुलंदशहर में दो लोगों की हत्या कर चुका है। दादरी में सुंदर भाटी गैंग के पांच गुगरें ने विजय पंडित को घेरा। अश्रि्वन और अन्नी ने विजय पर फायरिंग कर मौत के घाट उतार दिया। पुलिस के मुताबिक जीतू और सनी गिरफ्त में है। अश्रि्वन के परिवार वाले हिरासत में हैं। पुलिस बलराज भाटी के बेहद नजदीक है।












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