कनाडाई पीएम के बयान पर बीजेपी का पलटवार- 'WTO में MSP का विरोध करने वाले दिखा रहे किसानों से हमदर्दी'
नई दिल्ली: मोदी सरकार संसद के मानसून सत्र में तीन कृषि बिल लेकर आई थी, जो हंगामे के बाद पास तो हो गए, लेकिन अब पंजाब और हरियाणा के किसानों ने उसका विरोध तेज कर दिया है। साथ ही उनका 'दिल्ली चलो' आंदोलन भी जारी है। इस दौरान कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए बयान दिया था। जिस पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने कड़ा ऐतराज जताया। अब बीजेपी ने भी कनाडा के प्रधानमंत्री पर पलटवार किया है। साथ ही किसानों के साथ हमदर्दी दिखाने वाले कनाडाई पीएम की सच्चाई बताई है।

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बीजेपी के विदेश मामलों के प्रभारी विजय चौथईवाले ने कहा कि कनाडा भारत के किसानों को बचाने के लिए लागू आयात प्रतिबंधों का विरोध तो करता ही है, साथ ही वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (WTO) में MSP समेत अन्य कृषि नीतियों की आलोचना करता है। ये सब इस बात का सबूत है कि भारत के किसानों और कृषि उत्पादों की वास्तविक बेहतरी के लिए कनाडा की चिंता कितनी कम है। उन्होंने कनाडाई प्रधानमंत्री के बयान को 'पाखंड' करार दिया है।
क्या था जस्टिन ट्रूडो का बयान?
दरअसल गुरु नानद देव की जयंती पर एक ऑनलाइन कार्यक्रम आयोजित हुआ था। जिसमें ट्रूडो ने कहा कि किसानों द्वारा किए जा रहे प्रदर्शनों के बारे में भारत से खबरें आ रही हैं। स्थिति चिंताजनक है, हम सभी अपने परिवार और दोस्तों को लेकर बहुत चिंतित हैं। मुझे पता है कि आप में से कई लोगों के लिए यह एक वास्तविकता है। मैं आपको याद दिला दूं कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के अधिकारों की रक्षा के लिए कनाडा हमेशा खड़ा रहेगा। इस टिप्पणी पर भारत ने कड़ा ऐतराज जताया था। साथ ही कनाडा को साफ शब्दों में कह दिया था कि ट्रूडो का बयान भारत के आंतरिक मामलों में दखल है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हालांकि भारत के ऐतराज के बाद फिर उन्होंने किसान आंदोलन के समर्थन में टिप्पणी की थी।












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