भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी चाहते हैं आडवाणी-जोशी लड़ें अगला चुनाव, जानिए क्यों
नई दिल्ली: भाजपा नेता और राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने पार्टी लीडरशिप के सामने बड़ी मुश्किल खड़ी कर दी है। उन्होंने पार्टी नेताओं से मांग की है कि बुजुर्ग नेताओं लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी जैसे नेताओ को अगला लोकसभा चुनाव लड़वाया जाए। असल में स्वामी ने केरल में मेट्रो मैन ई श्रीधरन को पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाए जाने की चर्चा के बाद इस तरह की मांग उठाई है, जिससे नेतृत्व के फैसले पर सवाल उठ गए हैं। गौरतलब है कि गुरुवार को बीजेपी की ओर से पहले यह बताया गया था कि मेट्रो मैन पार्टी के सीएम उम्मीदवार होंगे, लेकिन बाद में सफाई दी गई थी कि इसपर अभी आधिकारिक फैसला नहीं लिया गया है।
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आडवाणी-जोशी-शांता कुमार लड़ें अगला चुनाव-स्वामी
मेट्रो मैन ई श्रीधरन को केरल में मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने की भाजपा नेताओं की चर्चा से पार्टी के भीतर ही बवाल शुरू हो गया है। इसपर सुब्रमण्यम स्वामी अपनी नाराजगी छिपा नहीं पाए हैं और उन्होंने ट्विटर पर तंज भरे अंदाज में नेतृत्व के नजरिए में दोहरे मापदंड का आरोप लगा दिया है। भाजपा नेता ने ट्विटर पर लिखा है, 'बीजेपी ने 89 वर्षीय श्रीधरन के केरल में सीएम पद का उम्मीदवार घोषित किया है। दूसरे शब्दों में कहें तो 75 वर्ष से ज्यादा के बुजुर्ग नेताओं को वनवास की तर्ज पर मार्गदर्शक मंडल में भेजना एक सुविधाजनक कदम था? इसलिए मेरी सलाह है कि आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और शांता कुमार को 2024 में लोकसभा का चुनाव लड़वाना चाहिए। '

पावर के लिए कुछ भी करेंगे-यशवंत सिन्हा
गौरतलब है कि जब से मोदी सरकार सत्ता में आई है, वह अपनी पार्टी के 75 वर्ष से ज्यादा उम्र के लोगों को अघोषित तौर पर रिटायर करने की रणनीति अपनाई हुई है। इसके चलते बुजुर्ग नेता सत्ता से दूर होने के चलते कई बार अपनी भड़ास भी निकाल चुके हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा भी इसमें शामिल हैं, जो एकबार कह चुके हैं कि उन लोगों को तो नेतृत्व ने 'ब्रेन डेड' घोषित कर दिया है। हालांकि अब वो भाजपा से बाहर हो चुके हैं, लेकिन मोदी सरकार और उनकी नीतियों को निशाना बनाने के लिए वो तो केवल मौका ही ढूंढ़ते रहते हैं। उन्होंने भी श्रीधरन के मसले पर गुरुवार को ट्वीट किया , 'तो मैं सही था। 88 साल के मेट्रो मैन श्रीधरन केरल में बीजेपी के सीएम कैंडिडेट होंगे। 75 साल वाले नियम का क्या हुआ? पावर के लिए कुछ भी करेंगे।' यशवंत सिन्हा आज की तारीख में मोदी सरकार के सबसे कटू आलोचकों में शामिल हैं और अब तो उन्हें बीजेपी नेतृत्व को लपेटने का बढ़िया मौका मिला है।
बता दें कि जब से श्रीधरन की बीजेपी में शामिल होने की चर्चा शुरू हुई थी, तभी से वह वहां पर पार्टी के सीएम पद के उम्मीदवार के तौर पर उभरे थे। उन्होंने खुद भी भाजपा के सत्ता में आने पर मुख्यमंत्री बनने की इच्छा जताई है। 140 सदस्यीय केरल विधानसबा के लिए 6 अप्रैल को वोटिंग होगी और 2 मई को बाकी चार राज्यों के साथ यहां भी मतों की गिनती की जाएगी।












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