कर्नाटक उपचुनाव: पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते BJP ने दो नेताओं को किया निष्कासित
नई दिल्ली। कर्नाटक में सत्तारूढ़ भाजपा ने गुरुवार को अपने दो बागी नेताओं शरत बचेगौड़ा और कविराज उर्स को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते प्राथमिकता से निष्कासित कर दिया है। अगले महीने होने वाले विधानसभा उपचुनावों में स्वतंत्र उम्मीदवारों के तौर पर लड़ रहे हैं। होसकोट विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे शरत बचेगौड़ा और विजयनगर से लड़ रहे कविराज को पत्र लिखकर उनके खिलाफ की कार्रवाई की जानकारी दी है।

बीजेपी ने गुरुवार को बागी उम्मीदवारों को अपनी उम्मीदवारी को वापस लेने के लिए कहा था, लेकिन उनके द्वारा जब नामांकन वापस लेने से इंकार कर दिया। इसके बाद पार्टी ने उन्हें प्राथमिकता से निष्कासित कर दिया। भाजपा द्वारा अयोग्य ठहराए गए कांग्रेस विधायक एम टी नागराज को होसकोटे का टिकट दिए जाने के बाद शरथ बचेगौड़ा निर्दलीय तौर पर उतर गए। शरत बचेगौड़ा भाजपा युवा मोर्चा के सचिव थे। लगातार टिकट मांग रहे शरत को मनाने के लिए मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने कर्नाटक हाउसिंग बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया था। लेकिन वे लगातार टिकट की मांग करते रहे।
चिक्काबल्लापुर के बीजेपी सांसद बीएन बचेगौड़ा के बेटे इस सीट से फिर से चुनाव लड़ना चाह रहे थे।लेकिन पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया। फिलहाल अब वे निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। हालांकि भाजपा द्वारा शरत बचेगौड़ा की बजाय अयोग्य ठहराए गए विधायक एमटीबी नटराज को टिकट दे दिया। इस बात से नाराज होकर शरत बचेगौड़ा ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया। इस पर भाजपा ने भी कड़ी कार्रवाई करते हुए बचेगौड़ा को पार्टी से निष्कासित कर दिया।
इससे पहले अयोग्य ठहराए गए विधायकों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली थी और कोर्ट ने अपने एक फैसले में कर्नाटक के इन अयोग्य ठहराए गए विधायकों को उप-चुनाव में शामिल होने की इजाजत दे दी थी। ये विधायक कर्नाटक विधानसभा के पूर्व स्पीकर केआर रमेश कुमार द्वारा दल-बदल कानून के तहत अयोग्य ठहराए गए थे। बता दें कि इन विधायकों की बगावत के चलते ही कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस की अल्पमत में आयी और बाद में सत्ता से बाहर हो गई थी।












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