ओडिशा पंचायत चुनाव के बाद बड़े बदलाव की ओर भाजपा
ओडिशा में भाजपा ने पंचायत के चुनाव में शानदार प्रदर्शन कर 2019 पर अपने नजरें गड़ानी शुरु की, पार्टी को यहां आठ गुना अधिक सीटें हासिल हुई है।
नई दिल्ली। ओडिशा में भारतीय जनता पार्टी ने जिस तरह से पंचायत के चुनाव में शानदार प्रदर्शन किया है उससे पार्टी के हौसले काफी बुलंद हैं। ओडिशा में अप्रत्याशित जीत से उत्साहित भाजपा ओडिशा में बड़े बदलाव की उम्मीद शुरु कर दी है भाजपा ने यहां 2012 की तुलना में 850 फीसदी बढ़त हासिल की है जो पार्टी की उम्मीदों को बल भी देती है। भाजपा ने यहां ना सिर्फ नवीन पटनायक की पार्टी बीजेडी के सामने चुनौती खड़ी की बल्कि यहां भी पार्टी ने कांग्रेस को तीसरे स्थान पर ढकेल दिया है।


2019 में होगा भाजपा को लाभ
ओडिशा के शानदार नतीजों ने भाजपा के नेताओं के हौसलों को बढ़ा दिया है, केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी का कहना है कि यह सबूत है कि हर तरफ भाजपा का समर्थन बढ़ा है, केंद्र की बेहतर सरकार ने लोगों के बीच भरोसा मजबूत किया है, इसने उन राज्यों में लोगों के लिए उम्मीद खड़ी की है जहां भाजपा का शासन नहीं है। नकवी का कहना है कि ओडिशा के नतीजों असर 2019 में देखने को मिलेगा, नतीजों ने साफ कर दिया है कि लोकसभा और विधानसभा के चुनावों में पार्टी यहां मजबूत होगी।

आठ गुना मिली बढ़त
ओडिशा की पंचायत की कुल 853 सीटों पर भाजपा ने 306 सीटों पर जीत दर्ज की है, जोकि 2012 के चुनावों की तुलना में 8.5 गुना है, 2012 में भाजपा को कुल 36 सीटें हासिल हुई थी, ऐसे में पार्टी को इस चुनाव में 270 सीटों की बढ़त हासिल हुई। वहीं बीजेडी के प्रदर्शन पर नजर डालें तो उसने 460 सीटों पर जीत दर्ज की है, जोकि 2012 में 651 थी, पार्टी को इस चुनाव में 191 सीटों का नुकसान हुआ है। कांग्रेस का प्रदर्शन तमाम राज्यों की तरह यहां भी और खराब हुआ है, कांग्रेस को यहां सिर्फ 60 सीटें हासिल हुई है, जबकि 2012 में उसके पास 126 सीटें थी। ओडिशा में पंचायत चुनाव पांच चरण में हुए थे, आखिरी चरण का मतदान 21 फरवरी को हुआ था।

जिला परिषद में भी बीजेडी हुई पीछे
पंचायत चुनाव की ही तरह बीजेडी को जिला परिषद के चुनाव में भी नुकसान उठाना पड़ा है और पार्टी को जिला परिषद के चुनावों में 16 पर जीत हासिल हुई, जबकि उसे 12 सीटों पर हार का सामना करना पड़ा, पार्टी के पास अभी तक कुल 28 सीटें थी। हालांकि अभी जिला परिषद के चुनाव परिणाम पूरी तरह से आने बाकी हैं और यहां की स्थिति अभी साफ होनी बाकी है।

भाजपा की जीत के पीछे का सच
भाजपा के ओडिशा में बेहतरीन प्रदर्शन की वजह पार्टी के ओडिशा प्रभारी अरुण सिंह का मानना है कि केंद्र में भाजपा सरकार की नीतियों का पार्टी को लाभ हुआ है। पार्टी को उम्मीद है कि इस बार के चुनाव में वह नौ गुना अधिक सीटें जीतेंगी। सिंह का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी काफी लोकप्रिय हैं, उनकी नीतियों का पार्टी को लाभ हो रहा है, जबकि प्रदेश में नवीन पटनायक की 17 साल की सरकार के खिलाफ लोगों का गुस्सा बढ़ा है।












Click it and Unblock the Notifications