समझ से परे है भाजपा की वेलकम और गेटआउट नीति!
ये वेलकम और गेटआउट क्या है? हो सकता है कि इस सवाल को लेकर आपका दिमाग भी उधेड़बुन में जुटा हो। चुनाव सिर पर हैं, यानी वेलकम का मतलब पार्टी में दलबदलुओं की एंट्री और गेटआउट से सीधा तात्पर्य अलविदा है। लेकिन अफसोस की बात यह है कि भाजपा इन दोनों के मायने तो समझती है, लेकिन लागू केवल छोटे कद के नेताओं पर ही करती है।
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जी हां यह भाजपा में नेताओं के साथ दोहरा व्यवहार ही है, जो वेलकम और गेटआउट जैसे शब्द भाजपा का वोटबैंक कमजोर कर सकते हैं। चलिये पहले पढ़ते हैं गेटआउट का मतलब और किन्हें कहा गया ये शब्द।
जब भी कोई नेता विवादास्पद बयान देता है या फिर पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त पाया जाता है तो भाजपा उन्हें गेट आउट कर देती है। और जब कोई अच्छा काम करता है, तो पार्टी उन्हें कहती है, "वेलकम-वेलकम"।
इन्हें कहा भाजपा ने ''गेट-आउट''
मोनाजिर को 6 वर्षों के लिए निष्कासित
बीते साल भाजपा ने पार्टी के विरोध में बयान देने के कारण बिहार बीजेपी ने पूर्व मंत्री और पूर्व सांसद डॉ0 मोनाजिर हसन को पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया।
दर्शन सैणी भी भाजपा से किए गए बेदखल
पंचायती राज चुनावों में पार्टी विरोधी कार्य करने के आरोपों पर चर्चा के बाद गाज गिरनी तय थी। और गिरी भी, दून मंडल के दर्शन सैणी इस गाज के अंतर्गत आए और पार्टी ने उन्हें बेदखल कर दिया।
और पार्टी से नप गए गिरिजाशंकर
लोकसभा चुनावों के कुछ महीनों के उपरांत एक निर्दलीय प्रत्याशी नरेन्द्र पांडे को समर्थन दे रहे विधानसभा अध्यक्ष सीताशरण शर्मा के भाई गिरिजाशंकर शर्मा को भाजपा ने विश्वासघाती करार देते हुए पार्टी से 6 सालों के लिए निष्कासित कर दिया गया था। यह पूरा मामला भोपाल के होशंगाबाद का था।
अनवर मेव से पार्टी ने तोड़ लिया नाता
मध्य प्रदेश भाजपा ने देवास जिले के टोंकखुर्द कस्बे के भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चे के पूर्व पदाधिकारी को अपने घर में गौवंश की हत्या करने के मामले में रविवार को पार्टी से निष्कासित कर दिया था।
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भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. हितेष वाजेपयी ने बताया था कि देवास जिले में बुधवार को अपने घर में गौवंश की हत्या करने के आरोप पुलिस द्वारा गिरफ्तार किये गये अनवर मेव को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है।
बयानों के चलते मधु मिश्रा भी 6 वर्ष के लिए निष्कासित
उत्तर प्रदेश में भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष मधु मिश्रा को कथित तौर पर विवादास्पद बयान दिए जाने के कारण उन्हें 6 वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया।
कुलदीप को भी पार्टी से निकाला गया
जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार के बारे में एक विवादित बयान देने वाले, कुलदीप वार्ष्णेय को पार्टी की जिला इकाई से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया गया।
तो ये महज कुछ नाम थे...हालांकि फेहरिस्त काफी लंबी है। इनमें से अधिकांश की गलती विवादास्पद बयान देना थी।
इनका वेलकम क्यों?
जहरीले बयान का गर जिक्र हो तो भाजपा में साक्षी महाराज और योगी आदित्यनाथ जैसे नेताओं का भाजपा वेलकम क्यों कतरी है? सच पूछिए तो इनके ज्यादातर बयान समाज में जहर घोलने वाले होते हैं। विवादित बयानों के कारण योगी आदित्यनाथ भी खूब सुर्खियों में रहे हैं। पर, उनको निष्कासित क्यों नहीं किया गया।
दरअसल ये सवाल हमारा नहीं बल्कि ये सवाल उठा रही है जनता। और जब जनता के मन में ये बातें आयी हैं, तो इसका सीधा असर वोटबैंक पर पड़ेगा।












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