तमिलनाडु में बिहारी मजदूरों पर हुए हमले और मौत पर Tamil Nadu डीजीपी ने क्या कहा?
Bihari migrant workers attacked in Tamil Nadu: तमिलनाडु में बिहारी मजदूरों पर हुए हमले और मौत पर Tamil Nadu डीजीपी ने क्या कहा?

तमिलनाडु में बिहारी मजदूरों पर हमले किए जा रहे हैं और हिंदी भाषी बिहारी मजदूरों की चुन-चुन कर हत्या किए जाने का आरोप है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अब तक तमिलनाडु में 5 मजदूरों की हत्या और 50 से अधिक मजदूरों पर हमले हो चुके हैं। वहीं ये मामला गुरुवार को बिहार विधानसभा में भी उठा और बिहार पुलिस ने भी आपत्ति जताई क्योंकि सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो सामने आए हैं जिसमें तमिलनाडु से हिंदी भाषी पिटते हुए नजर आ रहे हैं। तमिलनाडु में रहने वाले बिहारी मजदूर ट्रेन पकड़कर अपने घर लौट रहे हैं।
वहीं अब तमिलनाडु डीजीपी का बयान सामने आया है जिसमें उन्होंने इस घटना के बारे में बड़ा दावा किया है। अतमिलनाडु के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सिलेंद्र बाबू ने गुरुवार को एक बयान जारी कर कहा तमिलनाडु में बिहारी प्रवासी श्रमिकों पर हमला नहीं किया जा रहा है।
तमिलनाडु डीजीपी ने एक वीडियो जारी किया
डीजीपी ने कहा 'उत्तर भारतीयों और हिन्दी भाषी लोगों पर हमले को लेकर पोस्ट बिना तथ्यों की पुष्टि किए की गई है। यह भ्रामक तथा अफवाह है। प्रसारित किए जा रहे दो वीडियो में से एक वीडियो तमिलनाडु के त्रिपुर में बिहार और झारखंड के श्रमिकों के बीच झड़प की घटना का है, जबकि दूसरा वीडियो कोयम्बटूर के स्थानीय निवासियों के बीच विवाद की घटना का है। राज्य में सभी हिन्दी भाषी सुरक्षित हैं। सभी के मान सम्मान और जीवन की सुरक्षा का ध्यान रखा जा रहा है'।
गौरतलब है कि डीजीपी का यह बयान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के उस बयान के कुछ घंटे बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्हें मीडिया में आई खबरों से पता चला है कि तमिलनाडु में उनके राज्य के प्रवासी मजदूरों पर हमले हो रहे हैं। मुख्यमंत्री हिंदी दैनिक की एक रिपोर्ट का जिक्र कर रहे था। जिसमें आरोप लगाया गया था कि तमिलनाडु में बिहारियों को "तालिबानी" शैली के हमलों का सामना करना पड़ रहा है।
बिहार पुलिस ने ट्वीट कर लिखा था
अखबार - तमिलनाडु में एक बिहारी व्यक्ति के साथ एक फोन कॉल के आधार पर - दावा किया गया कि 15 बिहारियों को जान से मारने की धमकी मिली थी। रिपोर्ट के साथ एक वीडियो कहानी में पुरुषों के दो समूहों के बीच विवाद के दृश्य दिखाई दिए। रिपोर्ट में कहा गया है कि लगभग 15 बिहारियों को तमिलनाडु में मार दिया गया था और बिहार के लोगों पर केवल हिंदी बोलने के लिए हमला किया जा रहा था।












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