'कॉलेज के दिनों में जीतन राम मांझी पर मरती थीं लड़कियां'
पटना। किस्मत की वजह से बिहार के सीएम की कुर्सी पर बैठने वाले जीतनराम मांझी ने जब तक सीएम की गद्दी संभाली है तब तक वो अपने बेसिर-पैर के विवादित बयानों की वजह से काफी सुर्खियों में रहे।
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नीतीश कुमार को अपना बड़ा भाई बताने वाले जीतन राम आज चुनावी बिसात पर उनके कट्टर दुश्मन के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं। आज हम आपको जीतन राम मांझी के बारे में बताते हैं कुछ दिलचस्प बातें जिनकी वजह से वो अपने कॉलेज टाइम में भी लड़कियों और महिलाओं के बीच में चर्चा का विषय रहते थे।
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हम पार्टी के संयोजक जीतन राम मांझी ने खुद ही एक बार बोला था कि आशा नाम की एक लड़की के प्रति वो कॉलेज टाइम में ही आकर्षित हो गये थे। आगे की दिलचस्प बातों को जानने के लिए नीचे की स्लाइडों पर क्लिक कीजिये...

मांझी पर मरती थीं आशा
खेतीहर किसान के पुत्र जीतन राम मांझी ने हाईस्कूल पास करने के बाद कॉलेज में पढ़ने लगे थे जहां उन्हें अपना खर्चा ट्यूशन पढ़ा कर गुजारना पड़ता था। इसी दौरान एक आशा नाम की लड़की को उनपर क्रश हो गया था।

50 रूपये
मांझी ने एक टीवी चैनल पर बात करते हुए कहा था कि आशा चरण नाम की एक लड़की ने उनसे नोट्स मांगे थे, उसके पिता एरिया के डीसी थे, एक दिन उन्होंने मुझे बुलाया और कहा कि आशा को तुम्हारे नोट्स से काफी मदद मिली है। तुम उसे अपने नोट्स दे दिया करो तो हम तुम्हें 50 रूपये दें देंगे।

क्लास की लड़कियों में लोकप्रिय
उसके बाद से मैं क्लास की लड़कियों में और भी लोकप्रिय हो गया और इसलिए मैं अपनी ही क्लास की लड़कियों को ट्यूशन देकर जीविका कमाने लगा और इस तरह मैंने कॉलेज की पढाई की।

गरीबी के दिन
बेहद ही गरीबी के दिन देखने वाले मांझी ने कहा कि उनके पास एक पाजामा, एक हॉफ शर्ट, एक बनियान और एक लुंगी थी जिसे वो छ दिन कॉलेज में पहनते थे और शनिवार की शाम को धोकर सूखा देते थे ताकि सोमवार को वापस उसे पहने सकें।

लड़कियां काफी आकर्षित रहती थीं
उनकी पढ़ाई और उनकी बुद्दि से लड़कियां काफी आकर्षित रहती थीं और आशा के किस्से का बाद तो वह हर कॉलेज की लड़की की किताबों में तस्वीर बनकर रहने लगे थे।












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