बिहार में विकास परियोजनाओं की समीक्षा, मुख्य सचिव ने दिए समयसीमा में काम पूरा करने के सख्त निर्देश
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में बिहार की एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक में पीएमजी और प्रगति की प्रगति का आकलन किया गया, एम्स दरभंगा, गया में आईएमसी, और जिएमवी के लिए कड़ी समय-सीमा तय की गई, और कई राज्य परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए ईआरपी अपनाने, कचरा प्रबंधन और भूमि/अनुमति समन्वय पर जोर दिया गया।
बिहार में चल रही प्रमुख विकास परियोजनाओं को गति देने के लिए मुख्य सचिव Pratyay Amrit की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में केंद्र प्रायोजित पीएमजी (PMG) और प्रगति (PRAGATI) योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया गया और विभिन्न विभागों को निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में दरभंगा में बन रहे AIIMS Darbhanga से जुड़ी परियोजना पर विशेष चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने 400 केवीए हाई टेंशन लाइनों के शिफ्टिंग कार्य को 15 मई 2026 तक मिशन मोड में पूरा करने का निर्देश दिया। साथ ही स्वास्थ्य विभाग को कैंपस में मिट्टी भराई और रिंग बांध निर्माण के लिए तकनीकी प्रस्ताव शीघ्र केंद्र सरकार को भेजने को कहा गया।
गया में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) परियोजना को लेकर भी निर्देश दिए गए। इस परियोजना से भविष्य में लगभग 1.10 लाख रोजगार सृजन की संभावना है। डोभी में औद्योगिक पुलिस स्टेशन और हेलीपैड निर्माण सहित जल और बिजली जैसी आधारभूत सुविधाओं को समय पर उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
जल मार्ग विकास परियोजना (JMVP) की समीक्षा में बताया गया कि इसकी भौतिक प्रगति 76.78 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। मुख्य सचिव ने आईडब्ल्यूटी क्षेत्रीय उत्कृष्टता केंद्र के लिए भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए।
सहकारिता विभाग की समीक्षा में जानकारी दी गई कि राज्य के 4477 पैक्स में हार्डवेयर की आपूर्ति और प्रशिक्षण कार्य पूरा हो चुका है। इनमें से 4476 पैक्स को ‘ई-पैक्स’ घोषित किया जा चुका है और शेष एक को भी जल्द ऑनलाइन किया जाएगा। सभी पैक्स में ईआरपी सॉफ्टवेयर के शत-प्रतिशत उपयोग पर जोर दिया गया।
नगर विकास विभाग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि राज्य के 45 डंपसाइट में से 9 पर लीगेसी वेस्ट का उपचार पूरा हो चुका है, जबकि 13 पर कार्य जारी है। पटना में वेस्ट टू एनर्जी प्लांट और पटना व मुंगेर में वेस्ट टू वंडर पार्क स्थापित करने की योजना पर भी चर्चा की गई।
मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि परियोजनाओं की गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई होगी। भूमि अधिग्रहण, वन स्वीकृति और बिजली शिफ्टिंग जैसे मामलों में विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने को कहा गया।
स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कचरा वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगाने और ‘स्वच्छतम पोर्टल’ के माध्यम से रियल टाइम मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए। साथ ही ‘रिड्यूस, रीयूज और रीसायकल’ (RRR) के सिद्धांतों को लागू कर राज्य को कचरा मुक्त बनाने पर जोर दिया गया।
बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे और परियोजनाओं को तय समयसीमा में पूरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।












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