स्पीकर के चुनाव पर बिहार विधानसभा में हंगामा, भाजपा के विजय सिन्हा ने बाजी मारी
नई दिल्ली। बिहार में आज विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव हुआ। बिहार विधानसभा स्पीकर पद के लिए 51 साल बाद हुए चुनाव में एनडीए ने महागठबंधन को पटखनी देते हुए इस चुनाव में जीत दर्ज की और भाजपा के विधायक विजय सिन्हा बिहार विधान सभा के स्पीकर चुने गए। विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय जनता दल के विधायकों के बीच सीधा मुकाबला था। लेकिन आज चुनाव के लिए सदन की जब कार्रवाई शुरू हुई तो जोरदार हंगामा शुरू हो गया। सदन की कार्रवाई शुरू होते हुए राजद के विधायकों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। यही नहीं कुछ विधायकों ने तो सदन से वॉकआउट भी कर दिया। इस दौरान तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि यहां खुलेआम चोरी हो रही है और पूरा देश ये देख रहा है। बता दें कि बिहार विधानसभा का पांच दिन का सत्र चल रहा है, इस दौरान राजद नेता तेजस्वी यादव ने विधानसभा स्पीकर पद के चुनाव के लिए नियमों का हवाला देते हुए कहा कि नियमों का पालन होना चाहिए।
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सदन में भारी हंगामे के बीच राजद के विधायकों ने प्रोटेम स्पीकर जीतन राम मांझी को रूल बुक दिखाते हुए नियमों का हवाला दिया। लेकिन जीतन राम मांझी ने कहा कि जो लोग दूसरे सदन के हैं वो विधानसभा स्पीकर के चुनाव में वोटिंग नहीं कर रहे हैं, लेकिन उनकी उपस्थिति में कोई दिक्कत नहीं है। बता दें कि सदन में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और मंत्री अशोक चौधरी भी मौजूद हैं। सदन में चल रहे हंगामे के बीच राजद की ओर से ट्वीट करके नियमों का हवाला देते हुए कहाा गया कि, सदन स्थापित परंपरा नहीं स्थापित नियम से चलता है। विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव में मुख्यमंत्री जो सदन के सदस्य भी नहीं है उनके बैठने की कोई परंपरा नहीं रही है। अशोक चौधरी और मुकेश सहनी जो किसी भी सदन के सदस्य नहीं है वो सदन में कैसे बैठे है?
तेजस्वी यादव ने कहा कि अगर ऐसे सदन चलाना है तो हमे बाहर कर दीजिए। दरअसल तेजस्वी यादव यह मांग कर रहे थे कि जो लोग विधानसभा के सदस्य नहीं हैं उन्हें सदन से बाहर किया जाए, उन्हें मतदान के दौरान उपस्थित रहने का अधिकार नहीं है। यही नहीं तेजस्वी यादव ने कहा कि नीतीश सदन का हिस्सा नहीं हैं। महागठबंधन के सदस्यों ने सदन में वोटिंग की प्रक्रिया पर सवाल खड़ा कर दिया जबकि राजद ने अपील की कि वोटिंग को गुप्त रखा जाए। जिसके बाद सदन में हंगामा होने लगा। बता दें कि सदन में प्रदर्शन के दौरान विधायकों के साथ कार्यकर्ता भी सदन में मौजूद हैं। ये विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव का अवसर है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत कई ऐसे मंत्री महोदय जो किसी भी सदन के सदस्य नहीं है विराजमान होकर अपनी 'ध्वनि' से ध्वनि मत को समृद्ध कर रहे हैं। जनादेश चोरी के बाद आप लोकतंत्र को और शर्मसार कर रहे हैं।
गौरतलब है कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने आरोप लगाया था कि लालू प्रसाद यादव ने भाजपा के विधायकों को फोन करके उनका साथ देने को कहा था। बिहार में विधानसभा स्पीकर पद का चुनाव भाजपा और राजद दोनों के लिए प्रतिष्ठा का विषय बना हुआ है।












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