कोरोना संकट के बीच बिहार चुनाव, ये है चुनाव आयोग की गाइडलाइन
चुनाव आयोग ने इलेक्शन कमीशन के लिए गाइडलाइन जारी की है, जिसमें चुनाव प्रचार से लेकर वोटिंग तक के लिए नियम निर्धारित किए गए हैं।
नई दिल्ली। 243 विधानसभा सीटों वाले बिहार के लिए केंद्रीय चुनाव आयोग ने आज तारीखों का ऐलान कर दिया है। कोरोना वायरस महामारी के बीच बिहार पहला राज्य है, जहां विधानसभा के चुनाव होने जा रहे हैं। बिहार में इस बार तीन चरणों में चुनाव होंगे, जिसमें पहले चरण के तहत 28 अक्टबूर, दूसरे चरण के तहत 3 नवंबर और तीसरे चरण के तहत 7 नवंबर को वोटिंग होगी। वहीं 10 नवंबर को मतगणना की जाएगी। चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए गाइडलाइन भी जारी की है, जिसमें चुनाव प्रचार से लेकर वोटिंग तक के लिए कुछ नियम निर्धारित किए गए हैं।
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ये है चुनाव आयोग की गाइडलाइन
1- चुनाव आयोग की गाइडलाइन के मुताबिक, डोर-टू-डोर चुनाव प्रचार पर प्रतिबंध रहेगा। प्रचार के लिए उम्मीदवार सहित केवल पांच लोगों को ही डोर-टू-डोर कैंपेन की अनुमति होगी, लेकिन इन पांच लोगों में सुरक्षाकर्मी नहीं रहेंगे।
2- चुनाव प्रचार के काफिले में 10 के बजाय केवल 5 वाहन रहेंगे। काफिले में हर पांच वाहनों के बाद की गाड़ियों को हटाना होगा। वाहनों के दो काफिलों के बीच आधे घंटे का अंतर होना चाहिए, नाकि 100 मीटर का।
3- चुनाव प्रचार से संबंधित किसी भी गतिविधि के लिए हर व्यक्ति को फेस मास्क पहनना जरूरी होगा।

ऑनलाइन मिलेंगे नामांकन पत्र
4- हर पोलिंग बूथ पर सभी मतदाताओं के लिए थर्मल स्क्रीनिंग, सैनिटाइजर, साबुन और पानी की व्यवस्था उपलब्ध रहेगी।
5- कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए काउंटिंग सेंटर और पोलिंग बूथ के लिए बड़े हॉल चुने जाएंगे, ताकि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा सके।
6- विधानसभा चुनाव में नामांकन के लिए नामांकन-पत्र ऑनलाइन मिलेंगे और ऑनलाइन ही भरने के बाद उनका प्रिंट निकालकर चुनाव सेंटर पर जमा करना होगा।

नामांकन के लिए प्रत्याशी के साथ केवल 2 लोगों को इजाजत
7- चुनाव में प्रत्याशियों को अपना शपथ-पत्र भी ऑनलाइन ही भरना होगा। जमानत राशि जमा करने के लिए प्रत्याशियों के सामने ऑनलाइन और कैश दोनों विकल्प होंगे।
8- नामांकन-पत्र दाखिल करने के लिए एक प्रत्याशी के साथ केवल दो लोग ही जा सकते हैं। इसके साथ ही नामांकन करने के लिए केवल दो वाहनों को ही अनुमति होगी।
9- किसी भी काउंटिंग सेंटर के अंदर सात से ज्यादा मतगणना टेबल लगाने की अनुमति नहीं होंगी। इसके नियम के तहत, एक विधानसभा सीट पर वोटों की गिनती के लिए 3 से 4 हॉल इस्तेमाल किए जा सकते हैं।

पोलिंग सेंटर पर घटाई गई वोटरों की संख्या
इन नियमों के अलावा बिहार विधानसभा चुनाव के लिए हर पोलिंग सेंटर पर मतदाताओं की अधिकतम संख्या 1500 से घटाकर 1000 कर दी गई है। चुनाव आयोग ने हालांकि पहले कई समस्याओं का हवाला देते हुए 65 साल से अधिक उम्र के मतदाताओं के लिए पोस्टल बैलेट की सुविधा ना देने का फैसला लिया था। इसके बाद चुनाव आयोग ने कहा कि 80 साल की उम्र से अधिक के मतदाताओं, विकलांगों और कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों के लिए पोस्टल बैलेट की सुविधा दी जाएगी।












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