Net Neutrality अभियान की बड़ी जीत, आखिरकार झुकी केंद्र सरकार
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने आखिरकार ने मोबाइल ऑपरेटर कंपनियों पर अलग-अलग डेटा इस्तेमाल के लिए अलग-अलग शुल्क के प्रस्ताव पर पाबंदी लगा दी है। ट्राई के चेयरमैन ने इसका ऐलान करते हुए कहा कि अलग-अलग डेटा इस्तेमाल के लिए अलग शुल्क नहीं देना होगा। जानिये कैसे आपका इंटरनेट खतरे में हैं, नेट न्यूट्रैलिटी के बारे में 8 अहम बातें

दो साल तक चले नेट न्युट्रैलिटी अभियान के बाद आखिरकार सरकार ने इस अभियान के पक्ष में अपना फैसला देते हुए कंटेंट के आधार पर इंटरनेट शुल्क को ना कह दिया है।
टेलीकॉम रेग्युलेटरी ने सर्कुलर जारी करते हुए कहा कि मोबाइल ऑपरेटर कंपनियां अब उपभोक्ता से किसी भी तरह का करार नहीं कर सकती हैं जिसमें अलग कंटेंट के लिए शुल्क निर्धारित करने की शर्त हो।
ट्राई ने मोबाइल कंपनियों पर इस नियम का उल्लंघन करने पर 50 हजार रुपए से 50 लाख रुपए तक का जुर्माना ठोंकने का भी ऐलान किया है।
दरअसल नेट न्युट्रैलिटी अभियान का उद्देश्य यह था कि उपभोक्ताओं के सभी डेटा इस्तेमाल के लिए अलग-अलग शुल्क नहीं देना पड़े। अगर ऐसा होता तो आपको व्हाट्सएप के इस्तेमाल के लिए अलग, यूट्यूब के इस्तेमाल के लिए अलग शुल्क देना पड़ता।
मोबाइल ऑपरेटर कंपनियों के इसी प्रस्ताव का सोशल मीडिया पर जमकर विरोध हो रहा था। जिसके बाद नेट न्युट्रैलिटी अभियान की शुरुआत की गयी थी, जिसे आज सरकार ने आखिरकार अपना समर्थन देते हुए सर्कुलर जारी किया है।












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