भीमा कोरेगांव मामला: 50 हजार रुपए के मुचलके के साथ रिहा होंगी सुधा भारद्वाज, बॉम्बे हाईकोर्ट से मिली थी जमानत
पुणे, दिसंबर 08। भीमा-कोरेगांव मामले में सजा काट रहीं एक्टिविस्ट सुधा भारद्वाज बुधवार को जेल से बाहर आ सकती हैं। आपको बता दें कि 1 दिसंबर को बॉम्बे हाईकोर्ट ने उन्हें डिफॉल्ट जमानत दी थी, जिसके बाद बुधवार को NIA ने जमानत के लिए लगाई जाने वाली शर्तें तय की। जानकारी के मुताबिक, सुधा भारद्वाज को 50 हजार रुपए के मुचलके पर रिहा किया जाएगा।

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सुधा भारद्वाज की जमानत के विरोध में थी NIA
बता दें कि बॉम्बे हाईकोर्ट ने सुधा भारद्वाज को 1 दिसंबर को डिफॉल्ट जमानत दी थी। वहीं एक दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली NIA की याचिका को खारिज कर दिया था। एनआईए ने सुधा भारद्वाज की जमानत याचिका का विरोध किया था। भारद्वाज के खिलाफ 31 दिसंबर 2017 में एल्गार परिषद कॉन्क्लेव में भड़काऊ भाषण देने का मामला दर्ज किया गया था।
क्यों NIA ने किया विरोध?
सुधा भारद्वाज की तरफ से वकील मोहित चौधरी ने जमानत के साथ-साथ याचिका में सुधा भारद्वाज के लिए महाराष्ट्र, हरियाणा में उनके आवास और छत्तीसगढ़ के बीच यात्रा करने की अनुमति देने की भी मांग की थी। एनआईए के विशेष अभियोजक प्रकाश शेट्टी ने कहा कि सुधा भारद्वाज को नकद जमानत पर रिहा करने की अनुमति दी जा सकती है, लेकिन उन्होंने मुंबई छोड़ने सहित अन्य आधारों का विरोध किया। प्रकाश शेट्टी ने संभावना जताई है कि जमानत के बाद सुधा भारद्वाज फरार भी हो सकती हैं या फिर सबूतों के साथ भी छेड़छाड़ हो सकती है।
इन शर्तों के साथ मिली थी जमानत
जस्टिस यूयू ललित, एसआर भट और बेला एम त्रिवेदी की बेंच ने NIA को कुछ शर्तें लगाने के साथ जमानत देने के लिए कहा था। विशेष अदालत ने कहा था कि जमानत की शर्तों के तहत 60 वर्षीय कार्यकर्ता को अपना पासपोर्ट जमा करना होगा और मुंबई में रहना होगा। इसके अलावा वो मामले को लेकर मीडिया से बात नहीं कर सकतीं।












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