Bengaluru Metro Fare Hike: बेंगलुरु मेट्रो किराया पर बवाल, BJP MP तेजस्वी सूर्या हिरासत में, क्यों बढा विवाद?
Bengaluru Metro Fare Hike: बेंगलुरु में 9 फरवरी को मेट्रो के प्रस्तावित किराया बढ़ोतरी के खिलाफ जबरदस्त विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। इस दौरान भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष और बेंगलुरु साउथ से बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
इस कार्रवाई के बाद कर्नाटक की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। प्रदर्शन के दौरान तेजस्वी सूर्या ने कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि यह शर्मनाक है कि सरकार बुनियादी सुविधाएं सुधारने के बजाय प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने को प्राथमिकता दे रही है।

विस्तार से जानिए कितने प्रतिशत किराया बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है, इस पर क्यों मचा है बवाल, क्या है पूरा मामला...
BJP MP Tejasvi Surya Detained: किफायती पब्लिक ट्रांसपोर्ट की मांग, तेजस्वी आर्या हिरासत में
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, तेजस्वी सूर्या ने कहा कि बेंगलुरु के नागरिक बेहतर सड़कें, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और किफायती सार्वजनिक परिवहन चाहते हैं, लेकिन राज्य सरकार जनता की आवाज दबाने में लगी है। उन्होंने कहा, हम सस्ती और सुलभ मेट्रो सेवा की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार लोगों को डराने की कोशिश कर रही है।
तेजस्वी सूर्या ने कांग्रेस नेतृत्व वाली कर्नाटक सरकार पर आरोप लगाया कि वह खुद मेट्रो किराया बढ़ाने का दबाव बना रही है और बाद में इसके लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहरा रही है। उन्होंने कहा कि यह जनता को गुमराह करने की साजिश है।
Bengaluru Metro का किराया बढ़ने पर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से सवाल
बीजेपी सांसद ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर भी तीखा सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि अगर राज्य सरकार के पास किराया तय करने का अधिकार नहीं है, जैसा कि अब दावा किया जा रहा है, तो पहले मेट्रो किराया घटाने या संशोधित करने का निर्देश कैसे दिया गया था। तेजस्वी सूर्या ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "अगर सीएम के पास किराया बढ़ाने का अधिकार नहीं है, तो घटाने का अधिकार कहां से आया? यहीं सच्चाई छिपी है, ड्रामा बंद करें।"
BMRCL के 5% किराया बढ़ोतरी पर क्यों मचा बवाल?
इस सियासी घमासान के बीच बेंगलुरु मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (BMRCL) ने बड़ा कदम उठाते हुए 9 फरवरी से लागू होने वाली वार्षिक किराया संशोधन प्रक्रिया को अगले आदेश तक के लिए रोक दिया है। BMRCL ने स्पष्ट किया कि संशोधित किराए पर अंतिम फैसला बोर्ड की समीक्षा के बाद लिया जाएगा। प्रस्तावित किराया संशोधन के तहत मेट्रो किराए में सालाना करीब 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की बात कही गई थी, जिससे विभिन्न किराया स्लैब में ₹1 से ₹5 तक का इजाफा होता। इस ऐलान के बाद यात्रियों में नाराजगी बढ़ गई और विपक्षी दलों ने सरकार पर हमला तेज कर दिया।
Congress vs BJP Karnataka सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी
तेजस्वी सूर्या का दावा है कि राज्य सरकार ने फेयर फिक्सेशन कमेटी पर बार-बार किराया बढ़ाने का दबाव बनाया। वहीं, डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनसे इस मुद्दे पर कोई राय नहीं ली गई और कमेटी की अध्यक्षता एक केंद्रीय सचिव कर रहे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने भी राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि वह केंद्र के मना करने के बावजूद किराया बढ़ाने पर अड़ी रही और बाद में जिम्मेदारी केंद्र पर डालने की कोशिश की। कांग्रेस ने बीजेपी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मेट्रो किराया तय करना राज्य सरकार का काम नहीं है।
पार्टी ने सवाल उठाया कि अगर केंद्र की कोई भूमिका नहीं है, तो वह किराया संशोधन को रोक कैसे सकती है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का कहना है कि मेट्रो रेल संचालन एवं अनुरक्षण अधिनियम, 2002 के तहत किराया तय करने का अधिकार केंद्र द्वारा नियुक्त फेयर फिक्सेशन कमेटी के पास है।
Metro Fare Hike पर अभी बाकी है अंतिम फैसला
BMRCL ने दोहराया है कि यात्रियों का हित उसकी प्राथमिकता है और वह सुरक्षित, भरोसेमंद और किफायती मेट्रो सेवा देने के लिए प्रतिबद्ध है। फिलहाल किराया बढ़ोतरी पर अंतिम फैसला लंबित है, लेकिन इतना तय है कि बेंगलुरु मेट्रो किराया मुद्दे पर राजनीति अभी और गरमाने वाली है।












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