बेंगलुरु एटीएम कांड : हमले के दोषी मधुकर रेड्डी को 10 साल की सजा
कर्नाटक के बेंगलुरु में यूनियन बैंक मैनेजर ज्योति उदय पर हमले के दोषी मधुकर रेड्डी को कोर्ट ने 10 साल कैद की सजा सुनाई है। सिविल और सेशन कोर्ट ने साल 2013 में हुए हमले से यह फैसला दिया है।
Bengaluru Atm Assault Case: कर्नाटक के बेंगलुरु में यूनियन बैंक मैनेजर ज्योति उदय पर हमले के दोषी मधुकर रेड्डी को कोर्ट ने 10 साल कैद की सजा सुनाई है। सिविल और सेशन कोर्ट ने साल 2013 में हुए हमले पर यह फैसला दिया है। हमलावर मधुकर रेड्डी को घटना के 4 साल बाद पुलिस ने गिरफ्तार किया था। कोर्ट में 3 साल तक चली लंबी सुनवाई के बाद बेंगलुरु सिविल और सेशन कोर्ट के जज राजेश्वरा ने आरोपी मधुकर को दोषी करार दिया है।

दरअसल, 19 नवंबर 2013 को शहर के कॉर्पोरेशन बैंक के एटीएम में पीड़िता पैसे लेने गई थीं। एटीएम में एंट्री करते ही उसके साथ एक तगड़ा आदमी अंदर घुसा। जिसके बाद उसने ज्योति से पैसों की मांग की और नहीं देने पर जान से मारने की धमकी भी दी। जब उसने विरोध किया, तो आरोपी ने उसे दीवार पर धकेल दिया और छुरा निकालकर उसके सिर पर ताबड़तोड़ कई वार किए। इस हमले में वह लहूलुहान होकर बेहोश हो गई और हमलावर ज्योति के पर्स से पैसे, बैंक कार्ड और फोन लेकर शटर गिराकर भाग निकला।
हमले के सीसीटीवी फुटेज ने किया सन्न
हमले के बाद एटीएम में लगे सीसीटीवी फुटेज ने शहर के लोगों को हिला कर दिया। बताया गया कि एटीएम की शटर से बाहर खून बह रहा था, जिसको वहां से गुजर रहीं दो लड़कियों ने देखा। इस एटीएम कांड ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा, क्योंकि हमले का ये भयानक सीसीटीवी फुटेज लोगों को असुरक्षा महूसस करा रहा था। पुलिस ने केस दर्ज करते हुए लगभग 4 साल तक आरोपी की तलाश की।
2017 में आरोपी को कर्नाटक पुलिस ने पकड़ा
पुलिस ने आरोपी को पड़ोसी राज्य तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में ढूंढा लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। लेकिन फरवरी 2017 में हमलावर मधुकर रेड्डी को आंध्र प्रदेश के मदनपल्ली पुलिस स्टेशन ने गिरफ्तार कर लिया। वो आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में 3 हत्या के केस में नामजद था और अपनी जगह लगातार बदल रहा था। साल 2017 में उसको कर्नाटक पुलिस ने हिरासत में लिया और बेंगलुरु की अदालत में पेश किया।
हमले के बाद पीड़िता ज्योति का इलाज काफी लंबा चला था। 3 महीनों तक उसके कई ऑपरेशन हुए। हमले की वजह से उसकी सिर में कई गंभीर चोटें आईं थी। जिसके वजह से ज्योति का एक न्यूरो सर्जिकल ऑपरेशन भी किया गया था। कोर्ट के फैसले के बाद वो काफी खुश है।












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