Bihar News: जल-जीवन-हरियाली अभियान का असर: बेगूसराय में 808 सार्वजनिक कुओं का जीर्णोद्धार, भूजल संरक्षण को मिली मजबूती
जल जीवन हरियाली अभियान के तहत बेगूसराय जिले ने 808 सार्वजनिक बोरवेलों को बहाल किया है और 723 सोख गड्ढे बनाए हैं, साथ ही 210 छत-जल संचयन संरचनाएं स्थापित की हैं। ग्रामीण विकास विभाग के नेतृत्व वाले इस कार्यक्रम का उद्देश्य भूजल का संरक्षण, सिंचाई और घरेलू जल आपूर्ति में सुधार करना और सामुदायिक भागीदारी बढ़ाना है।
बिहार सरकार के जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत बेगूसराय जिले में भूगर्भ जल संरक्षण को लेकर व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित इस अभियान के अंतर्गत पिछले सात वर्षों में जिले के 808 सार्वजनिक कुओं का जीर्णोद्धार किया गया है, जबकि 723 कुओं के किनारे सोक पिट का निर्माण भी पूरा कर लिया गया है।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, पंचायती राज संस्थाओं और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से पंचायत स्तर पर इस अभियान को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में कुओं का जीर्णोद्धार, सौंदर्यीकरण और जल संरक्षण के लिए सोक पिट का निर्माण तेजी से किया जा रहा है।
अभियान के तहत वर्षा जल संचयन पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। जिले की ग्राम पंचायतों में अब तक 210 छत वर्षा जल संचयन संरचनाओं का निर्माण किया जा चुका है। इन संरचनाओं के माध्यम से छतों से आने वाले वर्षा जल को पाइप के जरिए संग्रहित कर फिल्टर किया जाता है और फिर उसे भूमिगत टैंक या सोक पिट में भेजा जाता है, जिससे भूगर्भ जलस्तर को बनाए रखने में मदद मिलती है।
अधिकारियों का कहना है कि इन प्रयासों से न केवल भूजल पुनर्भरण में सुधार हुआ है, बल्कि सिंचाई, पशुपालन और घरेलू उपयोग के लिए पानी की उपलब्धता भी बेहतर हुई है। साथ ही, यह पहल भविष्य के लिए जल संरक्षण का एक मजबूत आधार तैयार कर रही है। जल-जीवन-हरियाली अभियान के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण को लेकर जागरूकता भी बढ़ी है, जिससे स्थानीय स्तर पर लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हो रही है और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को नई दिशा मिल रही है।












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