Republic Day: अटारी-वाघा बॉर्डर पर भारतीय जवानों का जोश, 'बीटिंग द रिट्रीट' देख गर्व से चौड़ा हो जाएगा सीना
'बीटिंग द रिट्रीट' सेरेमनी में भारतीय जवानों का जबर्दस्त उत्साह दिखा। भारत माता की जय,वंदे मारतम् और हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारों से अटारी बार्डर गूंज उठा।

Beating the Retreat at Wagah: 74वें गणतंत्र दिवस के मौके पर अटारी-वाघा सीमा पर बीटिंग द रिट्रीट समारोह में भारतीय जवानों को उत्साह देखते ही बनता है। समारोह में जमकर भारत माता की जय, वंदे मारतम् और हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारे लगे। इन नारों की गूंज से भारतीय जवानों का उत्साह देखते ही बन रहा था। पंजाब के अमृतसर में अटारी-वाघा सीमा पर गणतंत्र दिवस संध्या के भारत और पाकिस्तान के जवानों की होने वाली बीटिंग रिट्रीट समारोह के वीडियो में भारत के जोश के तस्वीरें देखी जा सकती हैं।
74वें गणतंत्र दिवस के मौके पर पंजाब में अटारी-वाघा सीमा पर बीटिंग रिट्रीट समारोह (Beating Retreat) का आयोजन किया गया। इस दौरान सीमा पर मौजूद हजारों लोगों और जवानों जबर्दस्त उत्साह देखा गया। अटारी-वाघा बॉर्डर पर बीटिंग द रिट्रीट सेरेमनी के दौरान अटारी बॉर्डर पर मौजूद हजारों लोग मौजूद रहे। सरेमनी में बीएसएफ की टुकड़ी ने परेड की। यहां भी नारी शक्ति देखने को मिली। बीटिंग रिट्रीट समारोह के दौरान पूरा माहौल भारत माता की जय, वंदे मारतम् और हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारों से गूंज उठा।
#WATCH | The beating retreat ceremony underway at the Attari-Wagah border in Punjab's Amritsar on Republic Day 2023 pic.twitter.com/waZ7ThGrgS
— ANI (@ANI) January 26, 2023
1959 से 'बीटिंग द रिट्रीट' की परंपरा
पाकिस्तान देश बनने के बाद ऐतिहासिक ग्रैंड ट्रंक रोड पर अटारी-वाघा संयुक्त चेक पोस्ट स्थापित की गई थी। भारत की तरफ को अटारी और पाकिस्तान की तरफ को वाघा के नाम से जाना जाता है। बीटिंग द रिट्रीट समारोह भारत और पाकिस्तान के बीच अटारी-वाघा सीमा हर साल होता है। ये समारोह कुल 60 से 120 मिनट का होता है। जिसे देखने दूर- दूसर दोनों देशों के लोग पहुंचते हैं। ये परंपरा वर्ष 1959 में शुरू हुई थी।












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