BBC IT Survey: 59 घंटे तक खंगाले गए बीबीसी इंडिया के दस्तावेज, आयकर अधिकारियों की टीम ऑफिस से निकली
बीबीसी के दफ्तरों पर पहुंची आयकर विभाग के अधिकारियों की टीम सर्वे पूरा करने के बाद ऑफिस से निकल चुकी है। रिपोर्ट्स के अनुसार बीबीसी आईटी सर्वे करीब 59 घंटे तक जारी रहा।

BBC IT Survey लगभग 60 घंटे तक सुर्खियों में रहे। रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब 59 घंटे तक दिल्ली-मुंबई के बीबीसी दफ्तरों में आयकर विभाग का सर्वे चला। आयकर अधिकारी बीबीसी दफ्तर से जा चुके हैं। बीबीसी के ऑफिस में पहुंची आयकर टीम के बारे में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में 'छापेमारी' भी लिखा गया। हालांकि, इनकम टैक्स ऑफिस ने इस कार्रवाई को आयकर सर्वे करार दिया।
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बीबीसी और मोदी
बता दें कि आयकर विभाग की कार्रवाई को नरेंद्र मोदी के इतिहास पर बनी डॉक्यूमेंट्री से जोड़ा जा रहा है। विपक्षी राजनीतिक दलों ने इस कार्रवाई की कड़ी भर्त्सना की, जबकि बीजेपी ने बीबीसी को भारत विरोधी कंटेट वाला प्लेटफॉर्म करार दिया है।
BBC IT Survey पर क्या बोली?
दिल्ली और मुंबई में स्थित ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन (बीबीसी) कार्यालयों पर आयकर 'सर्वे' पूरा होने के बाद यूके में मुख्यालय वाले इस ब्रॉडकास्टर ने कहा, कार्रवाई लगभग 60 घंटों के बाद संपन्न हुई। बीबीसी के दफ्तरों में सर्वे पूरा कर निकले तीसरे दिन निकले आयकर अधिकारियों की गाड़ियों की तस्वीरें सामने आने के बाद कंपनी ने कहा, उन्हें उम्मीद है मामला जल्द समाप्त होगा।
किन आरोपों की जांच हो रही है
रिपोर्ट्स के मुताबिक आयकर विभाग बीबीसी के खिलाफ अवैध रूप से मुनाफे का डायवर्जन, स्थानांतरण मूल्य निर्धारण नियमों सहित भारतीय कानूनों के जानबूझकर गैर-अनुपालन जैसे आरोपों की जांच कर रहा है। आयकर अधिकारियों के दफ्तरों से रवाना होने के बाद बीबीसी न्यूज़ पीआर ने एक बयान जारी किया। बीबीसी ने कहा, "आयकर अधिकारियों ने दिल्ली और मुंबई में हमारे कार्यालयों को छोड़ दिया है। हम अधिकारियों के साथ सहयोग करना जारी रखेंगे और आशा करते हैं कि मामले जल्द से जल्द हल हो जाएंगे।"
पाठकों-दर्शकों को बीबीसी का संदेश
बयान में कहा गया है, "हम सहायक कर्मचारी हैं। कुछ लोगों से लंबी पूछताछ हुई है या उन्हें रात भर रुकना पड़ा है। कर्मचारियों का कल्याण हमारी प्राथमिकता है। हमारा आउटपुट वापस सामान्य हो गया है और हम भारत और उसके बाहर अपने दर्शकों की सेवा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"
मंगलवार को शुरू हुआ सर्वे
बता दें कि आयकर अधिकारी सर्वे के लिए मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी के केजी मार्ग स्थित बीबीसी दफ्तर पहुंचे थे। इस संबंध में सूत्रों ने कहा कि मुंबई में कलिना सांताक्रूज में ब्रिटिश ब्रॉडकास्टर के कार्यालय का भी सर्वे किया गया था। यह सर्वे केवल बीबीसी के व्यावसायिक परिसर तक ही सीमित था। हालांकि, जब सर्वे चल रहा था, उस समय भी ब्रिटेन के सरकारी प्रसारक बीबीसी न्यूज़ ने एक बयान जारी कर कहा था कि वह आयकर विभाग के साथ पूरा सहयोग कर रहा है।
कर्मचारियों को डेटा डिलीट न करने के निर्देश
सूत्रों के अनुसार, 'सर्वे' के तीसरे दिन, मीडिया हाउस के साथ काम करने वाले कर्मचारियों को किसी भी डेटा को तब तक "डिलीट" नहीं करने के लिए कहा गया, जब तक सर्वे चल रहा है। समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक सूत्रों ने कहा कि उन्हें यह भी कहा जाता है कि जब भी आयकर अधिकारी जांच के लिए बुलाएंगे, वे पेश होंगे।
क्यों हो रहा है विवाद
गौरतलब है कि बीबीसी की तरफ से पूर्व मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी (अब प्रधानमंत्री) पर एक डॉक्यूमेंट्री - 'इंडिया: द मोदी क्वेश्चन' जारी करने के कुछ सप्ताह बाद आयकर विभाग की कार्रवाई सामने आई। केंद्र सरकार ने डॉक्यूमेंट्री को विवादास्पद बताते हुए बीबीसी डॉक्यूमेंट्री के लिंक साझा करने वाले कई YouTube वीडियो और ट्विटर पोस्ट को ब्लॉक करने के निर्देश जारी किए थे। सुप्रीम कोर्ट ने 3 फरवरी को केंद्र सरकार को बीबीसी डॉक्यूमेंट्री को ब्लॉक करने के अपने फैसले से संबंधित मूल रिकॉर्ड पेश करने का निर्देश दिया था। क्योंकि डॉक्यूमेंट्री में 21 साल पुराने गुजरात दंगों का जिक्र है, ऐसे में राजनीतिक बयान भी खूब दिए जा रहे हैं। विपक्षी दलों ने बीजेपी पर निशाना साधा है। पलटवार में बीजेपी ने बीबीसी को बकवास और सवाल खड़े करने वालों को देश विरोधी करार दिया।












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