नक्सलियों का मुंह तोड़ जवाब देने के लिए तैयार 'बस्तरिया बटालियन', छत्तीसगढ़ में होगी पहली तैनात
नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ लाल कोरिडोर एरिया में नक्सलियों से लड़ने के लिए आदिवासी युवाओं की बस्तरिया बटालियन तैयार हो गई है। गृहमंत्री राजनाथ सिंह सीआरपीएफ के इस बस्तरिया बटालियन के पहले बैच के पासिंग आउट परेड में शामिल हुए। इस दौरान राजनाथ सिंह ने कहा कि देश में नक्सलवादी और विद्रोहियों में भारी कमी आई है। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जिले में कार्यक्रम में शामिल होने आए गृहमंत्री ने कहा कि देश में 55 प्रतिशत नक्सली घटनाओं में कमी आई है और 45 प्रतिशत क्षेत्रीय घटनाओं में कमी देखने को मिली है।

सीआरपीएफ की यह नई 241 बटालियन को बस्तरिया बटालियन के नाम से जाना जाएगा। इस बटालियन के लिए बिजापुर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर और सुकमा जिले से जवान को भर्ती हुई है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह के साथ प्रेस कांफ्रेंस के दौरान राजनाथ सिंह ने आंतरिक सुरक्षा के लिए सीआरपीएफ की तारीफ की। उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ और स्टेट पुलिस के आपसी सहयोग से आतंरिक सुरक्षा की स्थिति सुधरी है।
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि बस्तरिया बटालियन न सिर्फ छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश में अपनी सेवाएं देगी। बता दें कि बस्तरिया बटालियन में 33 फीसदी युवतियों की भर्ती होगी। यह भर्ती केवल अनुसूचित जनजाति के लिए है। इनका वेतन सीआरपीएफ के जवानों के बराबर 30 से 35 हजार रुपए के बीच होगा।
हालांकि, इस बटालियन की पहली फैज में फिलहाल स्ट्रैंग्थ 743 रहगी। जिसमें 189 महिला उम्मीदवारों सहित कुल 534 उम्मीदवारों एटीसी बिलासपुर और एटीसी अंबिकापुर में 44 सप्ताह से अधिक विशेष प्रशिक्षण लिया था। यह बटालियन पहली बार पिछले साल अप्रैल माह में अस्तित्व में आई थी और बस्तर एरिया में सीआरपीएफ के साथ लोकल लोगों के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने के लिए बनाई गई थी।












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