रेप केस में फैसले से ठीक पहले राम रहीम ने भेजा समर्थकों को संदेश
बाबा राम रहीम ने वीडियो संदेश के जरिए अपने समर्थकों से की अपील, बोले लोग शांति बनाए रखें, हम कानून पर भरोसा करने वाले लोग हैं।
चंडीगढ़। डेरा सच्चा सौदा बाबा राम रहीम के खिलाफ रेप मामले में पंचकुला की विशेष सीबीआई अदालत आज अपना फैसला सुनाएगी। इस फैसले से पहले पूरे पंचकुला में लाखों डेरा समर्थक जुट गए हैं, जिसके चलते तमाम सुरक्षा एजेंसिया अलर्ट हैं, पुलिस, सीआरपीएफ की तमाम टुकड़ियों को तैनात किया गया है ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से निपटा जा सके। लेकिन इन सबके बीच डेरा चीफ ने एक वीडियो संदेश के जरिए अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

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लोग घर लौट जाएं
डेरा चीफ ने अपने समर्थकों से वीडियों संदेश के जरिए अपील की है कि वह अपने घर चले जाएं। उन्होंने कहा कि जैसाकि मैंने पहले भी कहा है कि शांति और धैर्य बनाएं रखें, मैंने आपसे कहा था कि आप पंचकुला नहीं जाएं, जो भी डेरा प्रेमी पंचकुला में है वह कृप्या अपने घर चले जाएं। बाबा राम रहीम ने कहा कि जैसा मैंने सुना है, मैं स्वयं जाकर फैसला सुनुंगा, हम सबको कानून का सम्मान करना चाहिए, शांति बनाए रखें। इससे पहले भी डेरा चीफ ने फेसबुक पर एक पोस्ट के जरिए कहा था कि हमने सदा कानून का सम्मान किया है। हालाँकि हमारी back में दर्द है, फिर भी कानून की पालना करते हुए हम कोर्ट जरूर जाएंगे। हमें भगवान पर दृढ़ यक़ीन है। सभी शान्ति बनाए रखें।
क्या है आरोप
गौरतलब है कि राम रहीम पर 2002 में दो साध्वी से रेप करने का आरोप लगा था, जिसके बाद सीबीआई ने इस मामले की 2007 से जांच शुरू कर दी है। राम रहीम पर राम चंद्र छत्रपति जोकि पूरा सच अखबार के संपादक थे की हत्या का भी आरोप है। माना जाता है कि गुरमीत सिंह का गुरजंत सिंह जोकि खालिस्तान लिबरेशन फोर्स का सदस्य है, उससे करीब का संबंध है। गुरमीत सिंह को जेड श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है और वह अपने आलीशान जीवनशैली के लिए जाने जाते हैं। वह रेंज रोवर से चलते हैं और उनके काफिले में सैकड़ों गाड़ियां चलती हैं।
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23 साल की उम्र में बनें डेरा चीफ
आपका बता दें कि बाबा गुरमीत राम रहीम सिंह इंसान का जन्म 15 अगस्त 1967 को राजस्थान के श्रीगंगानगर में हुआ था, वह डेरा सच्चा सौदा के तीसरे मुखिया हैं, वह महज 23 साल की आयु में 1990 में डेरा के तीसरे मुखिया बन गए थे। हरियाणा और पंजाब के अलावा डेरा के हजारों समर्थन देश के कई अन्य राज्यों में भी हैं, जिसमे राजस्थान और उत्तर प्रदेश भी शामिल हैं। डेरा की स्थापना बेपरवाह मस्ताना महाराज जी ने 1948 में की थी।












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