अयोध्या में मस्जिद कहां तक बनकर तैयार हुई? इकबाल अंसारी ने दिया ऐसा जवाब, यकीन करना मुश्किल
Ayodhya masjid land: अयोध्या में बने राम मंदिर में आने वाली 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा होने वाली है और देशभर में इस भव्य समारोह के निमंत्रण लोगों को भेजे जा रहे हैं।
लेकिन, इस बीच अयोध्या में ही बनने वाली मस्जिद का काम कहां तक पहुंचा है? ये सवाल उठा है अयोध्या भूमि विवाद मामले के पूर्व वादी इकबाल अंसारी के एक बयान से, जो उन्होंने मस्जिद को लेकर दिया है।

दरअसल, मंगलवार को मीडिया ने इकबाल अंसारी से पूछा कि आपने अपने एक बयान में कहा है कि अयोध्या में मस्जिद की जरूरत नहीं है और वो जमीन खेती के लिए दे देनी चाहिए। इसपर जवाब देते हुए इकबाल अंसारी वक्फ बोर्ड के ऊपर भड़क गए। इकबाल अंसारी ने कहा कि जब भी मस्जिद के बारे में पूछा जाता है तो केवल नक्शा दिखा दिया जाता है।
'वो केवल नक्शा दिखाते रहते हैं'
इकबाल अंसारी ने कहा, 'मस्जिद बनाने के लिए वक्फ बोर्ड को 5 एकड़ जमीन मिली है और इस बात को चार साल बीत गए हैं। इस दौरान मीडिया सवाल पूछती रहती है कि मस्जिद कहां तक बनकर तैयार हुई? वक्फ बोर्ड के चेयरमैन जफर फारूकी हैं और वो केवल नक्शा दिखाते रहते हैं, जो धर्म के खिलाफ है। हर धर्म की एक पहचान है, हर धार्मिक स्थल की एक पहचान है। उन्हें काम करना चाहिए, केवल नक्शा दिखाने से काम नहीं चलेगा।'
'हमारी लड़ाई केवल कोर्ट तक थी'
इकबाल अंसारी ने आगे कहा, 'मस्जिद को लेकर मेरी कोई निजी राय नहीं है। जफर फारूकी को जो समझ में आए, वो करें। मुझे जो राय देनी थी, मैं दे चुका, अब मेरा स्टैंड यही है कि उनको जमीन मिली है, उनका प्राइवेट ट्रस्ट है, अब वो मस्जिद कब बनाते हैं, कब नहीं, इसमें मेरी कोई जिम्मेदारी नहीं है। हमारा मसला केवल अयोध्या तक था। लोअर कोर्ट, हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट ने इसपर फैसला दिया और पूरे देश के मुसलमानों ने उस फैसले का सम्मान किया। देश में कोई पत्ता नहीं हिला, कोई धरना नहीं हुआ, चार साल बीत गए, मंदिर बनकर तैयार है।'












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