अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा, 'गाड़ी मत भेजना, आपकी बेटी क्या मेरी बेटी नहीं है'

भाजपा के वरिष्ठ नेता और गाजियाबाद से सांसद वीके सिंह के प्रतिनिधि बलदेव राज शर्मा ने अटल बिहारी वाजपेयी की सादगी से जुड़ा एक किस्सा बताया।

नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन के बाद अब केवल उनकी यादें हमारे बीच रह गई हैं। शुक्रवार शाम करीब 5 बजे वाजपेयी की दत्तक पुत्री नमिता भट्टाचार्य ने उन्हें मुखाग्नि दी और वे पंचतत्व में विलीन हो गए। वाजपेयी के निधन से वो नेता गहरे सदमे में हैं, जिन्होंने उनके दौर में राजनीति की। अटल बिहारी वाजपेयी की यादें यूपी के गाजियाबाद से भी जुड़ी हुई हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता और गाजियाबाद से सांसद वीके सिंह के प्रतिनिधि बलदेव राज शर्मा ने अटल बिहारी वाजपेयी की सादगी से जुड़ा एक किस्सा बताया।

समय पर पहुंचे और 2 घंटे रुके वाजपेयी

समय पर पहुंचे और 2 घंटे रुके वाजपेयी

बलदेव राज शर्मा ने वाजपेयी को याद करते हुए बताया कि 1980 में गाजियाबाद में उनकी बेटी की शादी थी। अटल बिहारी वाजपेयी को बेटी की शादी का निमंत्रण देने वो दिल्ली गए। निमंत्रण देते हुए उन्होंने वाजपेयी से कहा कि वो शादी वाले दिन उनके लिए गाड़ी भिजवा देंगे। इस पर वाजपेयी ने तुरंत जवाब दिया, 'गाड़ी मत भेजना, आपकी बेटी क्या मेरी बेटी नहीं है।' बलदेव राज शर्मा ने बताया कि शादी वाले दिन अटल बिहारी वाजपेयी ठीक 8 बजे पहुंच गए और करीब दो घंटे तक विवाह समारोह में रुके।

अंतिम दर्शनों के लिए उमड़ी थी भीड़

अंतिम दर्शनों के लिए उमड़ी थी भीड़

गुरुवार को जब अटल बिहारी वाजपेयी के निधन की खबर आई तो उनके अंतिम दर्शनों के लिए सरकार और विपक्ष के तमाम नेता दिल्ली स्थित उनके निवास स्थान पर पहुंचे। वाजपेयी के अंतिम संस्कार के दौरान पीएम मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, केंद्र सरकार के कैबिनेट मंत्री, एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और कई देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

मौत की उमर क्या है, दो पल भी नहीं...

मौत की उमर क्या है, दो पल भी नहीं...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जाहिर करते हुए ट्विटर पर लिखा, 'मैं नि:शब्द हूं, शून्य में हूं, लेकिन भावनाओं का ज्वार उमड़ रहा है। हम सभी के श्रद्धेय अटल जी हमारे बीच नहीं रहे। अपने जीवन का प्रत्येक पल उन्होंने राष्ट्र को समर्पित कर दिया था। उनका जाना, एक युग का अंत है। लेकिन वो हमें कहकर गए हैं- 'मौत की उमर क्या है? दो पल भी नहीं, जिंदगी सिलसिला, आज कल की नहीं... मैं जी भर जिया, मैं मन से मरूं, लौटकर आऊंगा, कूच से क्यों डरूं?'

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+