Assam Election 2026: असम चुनाव से पहले कांग्रेस में बड़ी टूट, इस सीनियर नेता ने छोड़ा राहुल गांधी का साथ
Assam Assembly Election 2026: असम विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर चुनावी बिगुल बजने ही वाला है, लेकिन उससे पहले कांग्रेस के भीतर मची कलह सड़क पर आ गई है। एक तरफ मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के बीच जुबानी जंग ने व्यक्तिगत हमलों का रूप ले लिया है।
वहीं कांग्रेस पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद रिपुन बोरा ने सोमवार, 16 फरवरी को कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता और सभी पदों से इस्तीफा दे दिया।

बोरा का जाना कांग्रेस के लिए एक बड़ा रणनीतिक नुकसान माना जा रहा है, खासकर तब जब भाजपा और मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा आक्रामक अंदाज में प्रचार में जुटे हैं।
Who is Ripun Bora: कौन हैं रिपुन बोरा जानिए कांग्रेस में कैसा रहा उनका सियासी सफर
रिपुन बोरा असम कांग्रेस के बड़े चेहरों में गिने जाते रहे हैं। वह 2016 से 2021 तक करीब पांच साल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रहे। 2021 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। रिपुन राज्यसभा सांसद भी रह चुके हैं, जिनका कार्यकाल 2022 में समाप्त हुआ। तरुण गोगोई सरकार के दो कार्यकालों में मंत्री रहे और पहली बार 2001 में विधायक चुने गए थे।
हालांकि, 2022 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर तृणमूल कांग्रेस (TMC) का दामन थामा था, लेकिन 2024 में फिर कांग्रेस में लौट आए। वापसी के बाद भी वह पार्टी में ज्यादा सक्रिय या प्रभावशाली भूमिका में नजर नहीं आए, जिससे उनकी नाराजगी और गहराती चली गई।
Ripun Bora Resigns from Congress: आत्मसम्मान का हवाला देकर छोड़ी पार्टी
रिपुन बोरा ने अपने इस्तीफे में साफ तौर पर कहा है कि उन्होंने यह फैसला आत्मसम्मान के कारण लिया है। उन्होंने लिखा कि उन्होंने अपनी चिंताओं को पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के सामने भी रखा था, लेकिन यदि पार्टी इसी तरह आगे बढ़ती रही तो भविष्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि कांग्रेस सांसद रकीबुर हुसैन से उनके मतभेद लंबे समय से चल रहे थे और यही नाराजगी उनके इस्तीफे की बड़ी वजह बनी।
Ripun Bora का बीजेपी में शामिल होने की अटकलें तेज
रिपुन बोरा के इस्तीफे के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि वह जल्द ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो सकते हैं। अगर ऐसा होता है, तो यह कांग्रेस के लिए चुनाव से ठीक पहले एक और बड़ा झटका माना जाएगा, क्योंकि बोरा का असम की राजनीति में लंबा अनुभव और संगठनात्मक पकड़ रही है।
रिपुन बोरा के इस्तीफे के बीच असम की राजनीति में हिमंत बिस्वा सरमा और कांग्रेस नेता गौरव गोगोई के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है। पहले आरोप लगा कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के पास 1000 बीघा जमीन है। जवाब में सरमा ने आरोप लगाया कि गौरव गोगोई के पाकिस्तान से लिंक हैं। इसके बाद गौरव गोगोई ने पलटवार करते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है। कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने भी सीएम सरमा के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए उन पर तीखा हमला बोला है।
चुनावी माहौल में बढ़ी कांग्रेस की मुश्किलें
हिमंत बिस्वा सरमा फिलहाल बेहद एक्टिव हैं और उनके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। रिपुन बोरा जैसे अनुभवी नेता के जाने से कांग्रेस का संगठनात्मक ढांचा कमजोर हो सकता है, जिसका सीधा फायदा भाजपा को मिलने की उम्मीद है। असम में चुनाव से पहले कांग्रेस के लिए हालात लगातार चुनौतीपूर्ण होते जा रहे हैं।
एक तरफ सीनियर नेता रिपुन बोरा का इस्तीफा और उनके बीजेपी में जाने की अटकलें, दूसरी तरफ बीजेपी की आक्रामक रणनीति और मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की सक्रियता इन सबने कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। आने वाले दिनों में जैसे-जैसे चुनाव प्रचार तेज होगा, असम की राजनीति में और भी बड़े सियासी उलटफेर देखने को मिल सकते हैं।












Click it and Unblock the Notifications