एशियाई खेलों में दो पदक जीतने वाले पहलवान सुखचैन सिंह चीमा की सड़क हादसे में मौत
नई दिल्ली। द्रोणाचार्य अवार्डी कोच और एशियाई खेलों के पदक विजेता पहलवान सुखचैन सिंह चीमा की पंजाब के पटियाला में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई है। 68 साल के सुखचैन की कार बुधवार को पटियाला बाईपास पर दूसरी कार से जा भिड़ी, हादसे में उनकी मौत हो गई। सुखचैन सिंह ने 1974 में तेहरान में हुए एशियाई खेलों में दो कांस्य पदक जीते थे। बतौर कोच उनकी सेवाओं के लिए उन्हें द्रोणाचार्य अवार्ड से नवाजा गया था। पंजाब के संस्कृति और पर्यटन मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने चीमा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि ये राज्य और देश के लिए बड़ी क्षति है।

शाम सात बजे हुआ दर्दनाक हादसा
सुखचैन सिंह चीमा अपनी ईटीओस कार से 10 जनवरी की शाम पटियाला बाइपास के करीब से गुजर रहे थे, तभी उनकी कार आल्टो कार से जा भिड़ी। इस हादसे में उनको सिर में गहरी चोट लगी। हादसे में बुरी तरह से घायल चीमा को अस्पताल ले जाया गया लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

खेतों से लौट रहे थे चीमा
बुधवार को जिस समय चीमा सड़क दुर्घटना का शिकार हुए तब वो खेतों से वापस लौट रहे थे। चीमा बुधवार को भानरी गांव के अपने खेतों से वापस लौट रहे थे, शेर-माजरा के पास राजपुरा की तरफ से आ रही कार चीमा की कार से टकरा गई। चीमा रुस्तम ए हिंद पहलवान केसर सिंह चीमा के बेटे थे। उन्होंने तेहरान एशियाई खेल 1974 में फ्रीस्टाइल और ग्रीको रोमन दोनों में कांस्य पदक जीते थे।

रविवार को दिल्ली में सड़क हादसे में गई थी पावरलिफ्टर की मौत
सड़क दुर्घटना की वजह से एक हफ्ते के भीतर दूसरी बार जाने-माने खिलाड़ियों की जान गई है। इससे पहले रविवार सुबह को दिल्ली में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में पावरलिफ्टर समेत चार की मौत हो गई थी और दो पावरलिफ्टिंग प्लेयर्स घायल हुए थे। पावरलिफ्टिंग के 6 खिलाड़ी रविवार की सुबह कार में सवार होकर कहीं जा रहे थे। दिल्ली-पानीपत हाईवे पर खिलाड़ियों की कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई थी।












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