कांग्रेस छोड़ने से पहले सोनिया के सामने 'रोने' का सच! राहुल के दावों पर क्या बोले अशोक चव्हाण?
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के राज्यसभा सांसद अशोक चव्हाण ने कांग्रेस छोड़ने से पहले 'सोनिया गांधी के सामने रोने' के राहुल गांधी के दावों 'बेबुनियाद' और 'तथ्यात्मक रूप से गलत' बता दिया है।
फरवरी में हुए राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आए चव्हाण ने कांग्रेस नेता के बयान को 'राजनीतिक स्टंट' बताया है।

सोनिया से मिलने का दावा झूठा है- अशोक चव्हाण
चव्हाण का कहना है, 'उन्होंने (राहुल ने) कोई नाम नहीं लिया है, लेकिन यदि वे मुझपर कोई टिप्पणी करना चाहते हैं तो यह तर्कहीन और बेबुनियाद है...यह भी झूठ है कि दिल्ली में मैं सोनिया गांधी से मिला था। ये टिप्पणियां तथ्यात्मक रूप से गलत हैं। यह सब पॉलिटिकल स्टंट है।'
राहुल ने किया था सोनिया से मिलकर 'रोने' वाला दावा
इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दावा किया था कि हाल ही में कांग्रेस छोड़ने वाले महाराष्ट्र के एक नेता पार्टी से निकलने से पहले सोनिया से मिलकर रोने लगे थे कि वे जेल नहीं जाना चाहते।
केरल के वायनाड से कांग्रेस सांसद ने मुंबई के शिवाजी पार्क की सभा में दावा किया कि 'महाराष्ट्र के एक वरिष्ठ नेता, जिन्होंने हाल ही में कांग्रेस छोड़ी है, मेरी मां के पास रोते हुए गए, 'सोनियाजी, मैं शर्मिंदा हूं कि मेरे पास इस शक्ति से लड़ने की ताकत नहीं है। मैं जेल नहीं जाना चाहता। हजारों लोगों को इसी तरह से डराया जा रहा है।'
बेबुनियाद है दावा- महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री
कांग्रेस नेता की इस टिप्पणी पर महाराष्ट्र के पूर्व सीएम ने कहा, 'अगर वे मेरे बारे में ऐसा कह रहे हैं तो यह अतार्किक और निराधार है। सच्चाई ये है कि जब मैंने कांग्रेस से इस्तीफा दिया तबतक, मैं पार्टी मुख्यालय में काम कर रहा था। मैंने एमएलए के पद से इस्तीफा दिया और कुछ ही देर बाद पार्टी से भी इस्तीफा दे दिया।'
'मैं सोनिया गांधी से कभी नहीं मिला'
वे बोले कि 'तबतक किसी को नहीं पता था कि मैंने इस्तीफा दे दिया है।' उन्होंने आगे बताया, 'मैं सोनिया गांधी से कभी नहीं मिला। यह (कहना) बेबुनियाद है कि मैं सोनिया गांधी से मिला और अपनी भावनाएं जाहिर कीं। यह चुनाव की वजह से राजनीतिक बयान है।'
महाराष्ट्र में दिग्गज कांग्रेसियों ने दिया है पार्टी को झटका
महाराष्ट्र में इस साल सबसे पहले पूर्व सांसद और केंद्रीय मंत्री मिलिंद देवड़ा ने कांग्रेस छोड़ी और वे मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो गए।
वहीं चव्हाण ने पार्टी छोड़कर भाजपा का कमल थाम लिया। इसी तरह मुंबई कांग्रेस के नेता बाबा सिद्दीकी ने कांग्रेस छोड़कर डिप्टी सीएम अजित पवार की एनसीपी ज्वाइन कर ली है।












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