आप से इस्तीफा देने वाले आशीष खेतान ने फेसबुक पर पोस्ट लिखकर दी सफाई
नई दिल्ली। आप नेता आशीष खेतान ने बुधवार को आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दे दिया। खेतान आप से इस महीने इस्तीफा देने वाले दूसरे प्रमुख नेता हैं। इससे पहले अशुतोष ने भी निजी कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया था। जिसके बाद कई विपक्षी नेता अरविंद केजरीवाल पर हमला बोल रहे हैं। अपने इस्तीफे पर सफाई देते हुए आशीष ने कहा कि, मेरे फैसले को इस अफवाह से न जोड़ा जाए कि चुनाव लड़ने के लिए सीट मांगना चाहता हूं और पार्टी में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। पार्टी ने ही मुझे लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए कहा था, लेकिन मैंने इंकार कर दिया था।

खेतान ने लिखा कि, मैं एक पत्रकार हूं, जिसने हमेशा एक सच्चे नागरिक के रूप में समाज में शामिल होने के लिए अपने आप को बाध्य महसूस किया है। मैं इस उद्देश्य के पार्टी के साथ आया था कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकूं। इस मकसद से ही पहले मैं राजनीति में आया और फिर दिल्ली सरकार में दी गयी जिम्मेदारी निभाई। पिछले दो सालों से, मैं आत्मसंदेह से गुजर रहा था। सवाल यह था कि क्या मुझे राजनीति में बना रहना इस साल की शुरुआत में मैंने काफी विचार-विमर्श और परिवार और करीबी दोस्तों के परामर्श के बाद सक्रिय राजनीति छोड़ने का फैसला लिया है। तब पार्टी और सरकार संकट के दौर से गुजर रही थी। इसलिए मैंने अपने फैसले को औपचारिक बनाने के लिए एक उपयुक्त समय की प्रतीक्षा की।
खेतान ने कहा कि, मैंने बार पार्टी छोड़ने के फैसले के बारे में पार्टी नेतृत्व को सूचित किया था। इस वर्ष अप्रैल में वापस, मैं अपना वकालत शुरू करने और अपने आप को प्रोफेशनल लॉयर साबित करने के लिए दिल्ली सरकार द्वारा बनाए गए दिल्ली डायलॉग कमीशन छोड़ बाहर निकला था। पब्लिक इंटेरसेस्ट में कानूनी सहायता करना जारी रखूंगा। लॉ प्रैक्टिस के साथ-साथ मैं अपने लेखन कार्य पर लौटने के लिए उत्सुक हूं।
खेतान ने कहा कि, इस वर्ष जुलाई में, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सरकार को अपनी सभी शक्तियां वापस मिल गई। अब सरकार को जनहित के लिए कार्य करने में कोई परेशानी नहीं होगी। आम आदमी पार्टी और चुनावी राजनीति से दूर जाने का मेरा व्यक्तिगत निर्णय है। मेरे इस्तीफे को किसी भी तरह के कोई मनभेद व मतभेद से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। मुझे केवल पार्टी और उसके सदस्यों और स्वयं सेवकों से प्यार और सम्मान प्राप्त हुआ है। और इसके लिए मैं इसके लिए हमेशा के लिए आभारी रहूंगा।
खेतान ने लिखा, मैं दुर्भाग्यपूर्ण अफवाहों को भी रद्द करना चाहूंगा कि मेरे इस निर्णय में पार्टी द्वारा राज्यसभा की सीट या अन्य किसी पद के नहीं मिलने से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। सीट के लिए पार्टी से नहीं जुड़ा हूं। पार्टी ने मुझसे आगामी लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए कहा था, लेकिन मैंने विनम्रतापूर्वक इसे मना कर दिया था। एक और चुनाव लड़ने से मुझे राजनीति की दुनिया में आगे बढ़ना पड़ता, जो फ़िलहाल मैं नहीं चाहता। मैं अपने सभी पूर्व-साथी सहयोगियों का सम्मान रखना जारी रखता हूं और उनके भविष्य के प्रयासों में उन्हें शुभकामनाएं देता हूं।
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