असदुद्दीन ओवैसी ने पीएम मोदी के बयान पर क्यों की 'कंडोम' पर बात? मुस्लिम समुदाय को लेकर किया बड़ा दावा
लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elecion 2024) के तीसरे चरण के लिए राजनीतिक दलों का चुनावी अभियान तेज है। इस बीत तीखी बयानबाजी का भी दौर चल रहा है। हैदराबाद के सांसद व एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिंदू समुदाय के बीच नफरत फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी कह रहे हैं कि मुसलमान अधिक बच्चे पैदा कर रहे हैं। जबकि मोदी सरकार का डेटा खुद कहता है कि मुसलमानों की प्रजनन दर गिर चुकी है।
एनआरसी का विपक्षी दलों के संगठन आईएनडीआईए में शामिल प्रमुख दल कांग्रेस समेत कई पार्टियां विरोध कर रही हैं। इस बीच पीएम मोदी एक बयान को लेकर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पलटवार किया है।

दरअसल, पिछले हफ्ते, राजस्थान में बीजेपी की एक चुनावी रैली में मंच से पीएम मोदी ने पूर्व की गहलोत सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर कांग्रेस सत्ता में आई तो देश की संपत्ति "उन लोगों को वितरित करेगी जिनके पास अधिक बच्चे हैं।"
इस बयान को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया था। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री के खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी और बीजेपी को नोटिस जारी किया गया था।
वहीं अब मजलिस प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पीएम मोदी के निशाने पर लिया। उन्होंने शनिवार को कहा कि भारत में मुस्लिम पुरुष सबसे ज्यादा कंडोम का इस्तेमाल करते हैं।
ओवैसी ने हैदराबाद में एक चुनावी जनसभा के दौरान मंच से कहा, "प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि मुसलमान अधिक बच्चे पैदा कर रहे हैं। मोदी सरकार का डेटा खुद कहता है कि मुसलमानों की प्रजनन दर गिर गई है, लेकिन वह कह रहे हैं कि हम अधिक बच्चे पैदा कर रहे हैं। भाजपा और आरएसएस यह दावा करने के लिए झूठ फैला रहे हैं कि भारत में मुसलमान बहुसंख्यक हो जाएंगे। भारत में पुरुषों में अगर कोई सबसे ज्यादा कंडोम का इस्तेमाल करता है तो वो मुस्लिम हैं। ये मैं नहीं कह रहा। यह सरकारी डेटा है।"
एआईएमआईएम प्रमुख ने मुसलमानों को "घुसपैठिए" कहने पर भी पीएम मोदी को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के ऐसे बयानों से स्पष्ट होता है कि वे बीजे सरकार के 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास' कहकर सबको धोखा दे रहे हैं।












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